मां ऑफिस में करा सकेगी बच्चों को स्तनपान, बनेंगे स्पेशल रूम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी ऑफिसों में अब महिलाएं अपने छोटे बच्चों को आसानी से स्तनपान करा सकेंगी। इसके लिए सरकार ऑफिसों में स्तनपान कराने वाले कक्ष बनवाने जा रही है। यह जानकारी नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि जन्म से लेकर छह महीने तक बच्चों को केवल स्तनपान ही कराना चाहिए। बच्चों को दो वर्ष तक स्तनपान कराना चाहिए। इससे नवजात शिशु मृत्युदर में 20 फीसदी की कमी आती है।
आलोक शुक्रवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा पिछले दिनों मनाया गया। गत वर्ष की तुलना में इस बार काफी अधिक सफलता मिली है।
पिछले वर्ष 3063 महिला नसबंदी हुई थी जबकि इस वर्ष 8656 महिला नसबंदी हुई है। पुरुष नसबंदी पिछले वर्ष 343 हुई थीं जबकि इस बार 1253 हुई हैं। इस बार कॉपर-टी भी काफी अधिक महिलाओं को लगाई गई है।
सही उम्र में शादी के लिए किशोरियों को करेंगे जागरूक
निदेशक ने बताया कि 750 माध्यमिक विद्यालयों में किशोरियों को सही उम्र में शादी के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।
इसके अलावा 59000 ग्राम प्रधानों को एसएमएस व पत्रों के जरिए इस मुद्दे पर जागरूक कर उनसे सहयोग मांगा जा रहा है।
आलोक कुमार ने बताया कि गांव में आशा कार्यकर्त्रियां स्तनपान के लिए महिलाओं को जागरूक करेंगी। वे गांव में गर्भवती महिलाओं व हाल ही में मां बनी महिलाओं की नियमित बैठकें कर उन्हें स्तनपान के फायदे बताएंगी। इसके लिए आशा को 100 रुपये त्रैमासिक अलग से दिए जाएंगे।
निदेशक ने बताया कि ऐसे अस्पताल व प्रसव इकाइयां जो स्तनपान को बढ़ावा देंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। देखा जाएगा कि वहां स्तनपान कराने के लिए बेबी फ्रेंडली माहौल और अलग से स्तनपान कराने के लिए कक्ष है या नहीं। साथ ही स्तनपान के बारे में अस्पताल में किस प्रकार महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।