आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने को सरकार तैयारी, अधिकारी सीमित करेंगे संख्या
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प्रदेश के विभिन्न जिलों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को रोकने के लिए सरकार ने इनकी संख्या नियंत्रित करने की पहल की है। इसके लिए राज्य स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है।
प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में गठित इस 11 सदस्यीय समिति में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, पंचायती राज, निदेशक स्थानीय निकाय और निदेशक पशुपालन के अलावा एनिमल वेलफेयर बोर्ड के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है।
इस समिति की देखरेख में ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए व्यापक जिलास्तरीय कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके अलावा सभी जिलों में ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर’ (एबीसी) की स्थापना की जाएगी। एनिमल बर्थ कंट्रोल से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने के लिए ऐसी एजेंसियों को लगाया जाएगा, जिन्हें एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से लाइसेंस मिला होगा।
बता दें कि कुछ माह पहले सीतापुर समेत कई जिलों में आवारा कुत्तों ने तमाम लोगों पर जानलेवा हमला किया था। इन हमलों में कुछ बच्चों की तो जान भी चली गई थी। मुख्यमंत्री ने नगर विकास समेत अन्य संबंधित विभागों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
समिति में होंगे ये अधिकारी
प्रमुख सचिव नगर विकास इस समिति के अध्यक्ष होंगे। प्रमुख सचिव पशुपालन, प्रमुख सचिव पंचायती राज, निदेशक पशुपालन, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) के प्रतिनिधि, स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड के प्रतिनिधि, लखनऊ व बरेली के नगर आयुक्त, नगर पालिका परिषद सीतापुर, नगर पालिका परिषद पुवायां व नगर पंचायत खुदागंज (शाहजहांपुर) और नगर पंचायत सहजनवां (गोरखपुर) के अधिशासी अधिकारी, पीपुल्स फॉर एनिमल की सदस्य सचिव गौरी मौलेखी, एडब्ल्यूबीआई में पंजीकृत कोई एक संगठन का प्रतिनिधि सदस्य होंगे। निदेशक स्थानीय निकाय सदस्य सचिव होंगे।