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प्राविधिक सहायकों पर सरकार की लापरवाही की मार : प्रियंका

Thu, 10 Dec 2020 12:52 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 10 Dec 2020 12:52 AM IST
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Government's negligence on technical assistants: Priyanka
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यूपी कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती-2018 के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एक बार फिर यूपी सरकार की लापरवाही की मार झेल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर विचार साझा करते हुए कहा है कि 2018 में इस नियुक्तिका फॉर्म आता है। 2019 में परीक्षा होती है। 2020 में प्रतियोगी छात्र-छात्राओं के लगातार आवाज उठाने के बाद रिजल्ट आता है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो चुका है, लेकिन अभी तक चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट रुकी पड़ी है।
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सरकार अपने द्वारा बांटी गई नौकरियों की लिस्ट में ये सारी नौकरियां जोड़ रही है, जिनमें अभी तक प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को नियुक्ति तक नहीं मिली है। इधर, नौकरियों के लिए मेहनत कर परीक्षा पास करने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का हाल बुरा है। कुछ अवसाद में चले गए हैं तो कुछ पर कर्ज हो गया है। आशा है कि सरकार जल्द इस पर उचित कार्रवाई करेगी। 

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किसानों की समस्याएं तत्काल दूर करे भाजपा सरकार : लल्लू

Government's negligence on technical assistants: Priyanka
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू। - फोटो : amar ujala
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि लगातार 14 दिनों से पूरे देश का लाखों अन्नदाता किसान देश की राजधानी के बार्डर पर सर्दी में खुले आसमान में सड़कों पर पड़ा हुआ है। अपनी जान गंवा रहा है। सरकार अपने अहंकार से बाहर आने को तैयार नहीं है और हठ पर अड़ी है। कांग्रेस मांग करती है कि देश के अन्नदाता किसानों की मांगों को तुरंत सरकार स्वीकार करे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि 16 जिलों के संगठन सृजन अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर के किसानों से बात की। सभी जगह से एक बात सामने आई कि कि किसी भी जिले में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद नहीं की जा रही है। गन्ने का वर्ष 2020-21 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया। सरकार तुरंत 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करे। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों की लागत दोगुनी से अधिक बढ़ चुकी है।
 
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