44 चीनी मिलों को 2619 करोड़ रुपए का सॉफ्ट लोन का भुगतान, किसानों के खाते में जाएगी धनराशि
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए गन्ना किसानों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अतिशीघ्र कराने के निर्देश दिए हैं। उनके अल्टीमेटम को देखते हुए गन्ना विभाग ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की कार्यवाही तेज कर दी है।
गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिलों को शुक्रवार दोपहर 2619 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन का भुगतान कर दिया गया है। ऋण की यह धनराशि गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किसानों के खाते में भेज दी गई है। इससे 44 चीनी मिलों का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान हो गया है।
राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में चीनी मिलों को 4000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन का प्रावधान किया था। ऋण की राशि निजी क्षेत्र के चीनी मिलों को पेराई सत्र 2017-18 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित, व्यावसायिक एवं उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी थी।
चीनी मिलों के आवेदन के आधार पर 44 चीनी मिलों को शुक्रवार को 2,619 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भुगतान कर दिया गया। गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सॉफ्ट लोन की राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल ट्रांसफर कराई जाए।
सॉफ्ट लोन के लिए शेष चीनी मिलों के दावों का परीक्षण किया जा रहा हैं। उनके आवेदन व जरूरी औपचारिकताओं की कमियां दूर करके उनके साफ्ट लोन के भुगतान की कार्रवाई भी प्रक्रिया में है।
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किसानों के खाते में जाएंगी 430 करोड़ की वित्तीय मदद
राज्य सरकार ने चीनी मिलों को खरीद गए गन्ने पर प्रति क्विंटल 4.50 रुपये की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की थी। इसमें शर्त थी कि शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान होने पर यह मदद दी जाएगी। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि पेराई सत्र 2017-18 में खरीदे गए गन्ने की मात्रा के सापेक्ष 4.50 प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों को लगभग 430 करोड़ की धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि संबंधित उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी यह राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल हस्तांतरित कराएंगे। इसका उपयोग भी गन्ना मूल्य भुगतान के लिए होगा।