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क्यूं कहें इलाहाबाद को प्रयागराज? सरकार ने गिनाए ये चार कारण

Tue, 16 Oct 2018 08:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 16 Oct 2018 08:39 PM IST
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government explain the reason behind changing the name of allahabad
इलाहाबाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने अपने धार्मिक और सांस्कृतिक एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए मंगलवार को इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

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कैबिनेट ने इलाहाबाद नाम से चल रहे केंद्र के विभिन्न इंस्टीट्यूट, संस्थाओं के नाम भी प्रयागराज किए जाने के लिए संबंधित संस्थानों को पत्र लिखने का फैसला किया है। इससे इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहित तमाम संस्थानों के नाम प्रयागराज हो जाएंगे।
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। सिंह ने बताया कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने का प्रस्ताव पिछले दिनों कुंभ मार्गदर्शक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं किया था।
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इस प्रस्ताव को सभी ने एक ध्वनि से सहमति दी थी। मंत्री ने बताया कि लंबे अर्से से संतों-महत्माओं, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं की ओर से इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने की मांग हो रही थी। मैंने भी इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखा था। 

सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का अनुमोदन देते हुए प्रसन्नता जताई है। इलाहाबाद की पौराणिक पहचान के दृष्टिगत कुंभ मेला-2019 के पहले यह फैसला किया गया है।

उन्होंने कहा कि देश में वैसे तो अलग-अलग स्थानों पर 14 प्रयाग हैं। लेकिन, इस प्रयाग की महत्ता सर्वाधिक होने की वजह से इसे प्रयागराज नाम दिया गया है। नाम परिवर्तन से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इलाहाबाद नाम से स्थापित केंद्रीय इंस्टीट्यूट व संस्थानों में इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय आदि का नाम बदलने के लिए संबंधित संस्थानों को पत्र लिखा जाएगा। नाम बदलने पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर सिंह ने कहा कि इसका कोई औचित्य नहीं है। 500 साल पहले भी इलाहाबाद का नाम प्रयाग ही था।

नाम बदलने के बताए ये औचित्य

- राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि इलाहाबाद की जनता लंबे समय से इलाहाबाद के स्थान पर जनपद व नगर का नाम प्रयाग या प्रयागराज करने की मांग कर रही है। 
- प्राचीन ग्रंथों में हमारे देश में कुल 14 प्रयाग स्थल वर्णित हैं। इनमें प्रयाग (इलाहाबाद) के अतिरिक्त किसी अन्य स्थल का नाम नहीं बदला है जबकि इस नगर को सभी प्रयागों का राजा अर्थात प्रयागराज कहा जाता है।
- जनपद व नगर का नाम प्रयाग से इलाहाबाद बदल दिए जाने से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक भ्रम की स्थिति हमेशा उत्पन्न रही है। इसके निवारण के लिए संपूर्ण संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रयाग का नाम प्रयाग या प्रयागराज के रूप में वापस मिलना तर्कपूर्ण व न्यायसंगत प्रतीत होता है।
- इलाहाबाद जिला व नगर का नाम प्रयागराज किए जाने से जहां एक ओर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बल मिलेगा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर इसकी वैदिक एवं पौराणिक पहचान भी अक्षुण्ण रह सकेगी।

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