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पुरानी पेंशन बहाली: सरकार की चेतवानी के बाद भी कर्मचारी झुकने को नहीं तैयार, 25 से हड़ताल

Sat, 20 Oct 2018 08:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 20 Oct 2018 08:31 PM IST
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government employees will be on strike in spite of of government warning
pension

सरकार की ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ और कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी के बावजूद कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 25 अक्तूबर से हड़ताल पर अड़े हैं।

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पुरानी पेंशन बहाली मंच की शनिवार को यहां लोक निर्माण विभाग स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सभागार में बैठक हुई। इसमें 25 से तीन दिनी कार्य बहिष्कार आंदोलन को यथावत रखने का फैसला किया गया।
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मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने कहा, आठ अक्तूबर की महारैली में लगभग पांच लाख कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी लखनऊ में जुटे लेकिन अनुशासन नहीं टूटा। इस बार भी अनुशासन में रहकर तीन दिनी कार्य बहिष्कार हड़ताल होगी। सरकार यदि दमनात्मक कार्रवाई से हमें दबाना चाहती है तो यह उसकी भूल है। सरकार की कोई धमकी हमारी मांग को दबा नहीं पाएगी।
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तिवारी ने बताया कि बैठक में मौजूद कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी संगठनों के नेताओं ने एकस्वर से एकजुटता बनाए रखने का संकल्प दोहराया। साथ ही कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों से कार्य बहिष्कार हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। तिवारी ने मंच के फैसले की जानकारी दी। साथ ही कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों से एकजुट होकर सरकार की विभाजनकारी नीति से सावधान रहने की अपील की।

तिवारी ने कहा, मुख्य सचिव स्तर की वार्ता में नई पेंशन योजना की खामियों को आला अधिकारियों ने स्वीकारा भी लेकिन उनका जवाब सकारात्मक नहीं रहा। इस नाते तीन दिवसीय हड़ताल तय की गई। सरकार को हम पर भरोसा करना चाहिए।

पर, यदि वह नौकरशाहों के समझाने पर अड़ी रही और दमनात्मक कार्रवाई हुई तो कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन 27 अक्तूबर को मंच की बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया जाएगा।


बैठक में मंच के अध्यक्ष दिनेश चन्द शर्मा, कर्मचारी नेता शिवबरन यादव, अधिकारी महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष राकेश त्यागी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ यादव सहित कई संगठनों के नेता मौजूद थे।

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