लाखों राज्य कर्मचारी हड़ताल पर, मरीजों को हो सकती है सबसे ज्यादा दिक्कत
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प्रदेश के लाखों राज्य कर्मचारी बुधवार 10 से 12 अगस्त तक तीन दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके कारण चिकित्सालयों की सुविधाएं भी सुबह प्रभावित रह सकती हैं क्योंकि चिकित्साकर्मियों ने भी सुबह 8 से 11 तक हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है।
हड़ताल के चलते अन्य सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित रहने के आसार हैं। इस बीच, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने मंगलवार को यहां सरकार पर कर्मचारियों के साथ छल करने का आरोप लगाया और कहा कि जिन मांगों पर सरकार खुद आश्वासन दे चुकी है।
फैसला हो चुका है। उनके आदेश जारी होने से पहले सरकार से कोई वार्ता नहीं होगी। तीन दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार न चेती और कोई आदेश न किया तो फिर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
आम जनता को हो सकती है दिक्कतें
हड़ताल की सफलता के लिए कर्मचारी संगठनों ने पूरे प्रदेश में आज दिन भर संपर्क अभियान चलाया। साथ ही मोटर साइकिल रैलियां निकालकर कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। राजधानी में स्वास्थ्य विभाग से रैली की शुरुआत हुई।
इस बीच सांख्यिकी सेवा परिसंघ, उ.प्र. शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ और मनरेगा कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल के समर्थन का एलान किया है। कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष तिवारी ने बताया कि बुधवार सुबह संगठन के नेता वाहनों से निकलेंगे।
साथ ही सभी कार्यालयों पर पहुंचकर वहां हड़ताल की समीक्षा करेंगे। तीन दिन की हड़ताल के दौरान पहले दिन बुधवार को अपराह्न 1 बजे राजभवन के सामने लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय पर सभा होंगी।
दूसरे दिन बृहस्पतिवार को उद्यान भवन और तीसरे दिन शुक्रवार को यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कर्मचारियों की सभा होगी। जिसमें आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी