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Lucknow News: बिना शुल्क केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ेंगे राजकीय और एडेड कॉलेज

Wed, 11 Feb 2026 02:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 02:19 AM IST
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Government and aided colleges will be included in the centralized admission process without any fee.
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय और एडेड कॉलेज अब बिना किसी शुल्क के विश्वविद्यालय की केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने मंगलवार को प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में यह घोषणा की। इसके लिए उन्होंने सभी प्राचार्यों को 10 दिन का समय दिया है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए हर साल सीट के मुकाबले कई गुना अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार साल पहले केंद्रीकृत प्रवेश काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू की। इसमें शामिल होने के लिए सभी महाविद्यालयों को 50 हजार रुपये प्रति पाठ्यक्रम शुल्क देना होता था।
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साधन संपन्न निजी महाविद्यालय जहां इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होते थे, वहीं राजकीय और अनुदानित महाविद्यालय वित्त के अभाव में केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते थे। इसका नतीजा यह होता था कि लविवि की सीट भरने के बाद राजकीय और अनुदानित के बजाय निजी महाविद्यालयों की सीटों पर दाखिले होते थे। दाखिला लेने वाला विद्यार्थी आवेदन तो लविवि में दाखिले के लिए करता था, लेकिन ज्यादातर को विश्वविद्यालय की सीट भरने के बाद निजी महाविद्यालय जाना पड़ता था। ऐसे में राजकीय और अनुदानित कॉलेजों की सीट खाली रह जाती थीं।
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दूसरी ओर दाखिला लेने के बाद विद्यार्थी को पता चलता था कि लखनऊ में राजकीय और अनुदानित कॉलेज में एडमिशन का मौका था, लेकिन जानकारी के अभाव में वे चूक गए। अब लविवि की प्रवेश प्रक्रिया से वंचित रह जाने वाले विद्यार्थियों को एडेड और राजकीय महाविद्यालयों में अवसर मिल सकेगा। बैठक में विश्वविद्यालय की कुल सचिव डाॅ. भावना मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी, वित्त अधिकारी हिमानी चाैधरी, प्रवेश समन्वयक प्रो.अनित्य गाैरव भी माैजूद रहे।

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महाविद्यालयीय विभागों को मिलेगी रिसर्च सेंटर की मान्यता

बैठक में कुलपति ने घोषणा की, योग्य और पात्र महाविद्यालयीय विभागों को रिसर्च सेंटर के रूप में मान्यता दी जाएगी। इससे शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा और विश्वविद्यालय स्तर से पूरा सहयोग मिलेगा।

कन्या महाविद्यालयों को को-एड में बदलने का प्रस्ताव

कुलपति ने कहा कि विशेषकर कन्या महाविद्यालयों में छात्राओं की घटती संख्या चिंताजनक है। समाधान के ताैर पर कुछ महाविद्यालयों को को-एड (सह-शिक्षा) में बदलने का प्रस्ताव रखा।

हर छह माह पर होगी कुलपति के साथ प्राचार्यो की बैठक

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के बीच संवाद निरंतर बना रहेगा। हर छह माह में प्राचार्यों के साथ बैठक होगी। कहा कि यदि महाविद्यालय दुखी रहेगा तो विश्वविद्यालय सुखी नहीं रह सकता।


गुणवत्ता रैंकिंग बेहतर करने को होंगी कार्यशालाएं

बैठक में यह भी तय हुआ कि लविवि की रैंकिंग सेल, महाविद्यालयों के नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग की तैयारी के लिए संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित करेगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों का संबंध कॉर्पोरेट शैली में होगा, जहां समस्याओं का समाधान विश्वविद्यालय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।
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