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निजी व सम विश्वविद्यालयों के लिए नियामक संस्था बने : राज्यपाल

Sun, 15 Oct 2017 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 Oct 2017 01:19 PM IST
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governing body for private and semi private universities
राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला

राज्यपाल राम नाईक ने निजी एवं सम विश्वविद्यालयों के स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के लिए नियामक संस्था बनाने का सुझाव दिया है। इससे लोगों को आसानी से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिल सकेगा।

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शिक्षकों की नियुक्ति एवं सुविधाओं में बढ़ोतरी का काम ठीक से होगा। राज्यपाल राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में बोल रहे थे।

इसके अलावा राज्यपाल ने सम विश्वविद्यालय भातखंडे संगीत संस्थान को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की भी मांग की। उन्होंने हवाई मार्ग किराया नीति बनाने का भी सुझाव दिया।
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राज्यपाल ने कहा, भातखंडे को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने से अच्छे शिक्षकों का रुझान इसकी तरफ बढ़ेगा। साथ ही विद्यार्थियों के रूप में देश को योग्य कलाकार मिलेंगे।
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नाईक ने कहा, उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य विश्वविद्यालय के कुलपतियों का सम्मेलन 6 जुलाई को आयोजित किया गया था।

इसमें प्रशासनिक एवं शिक्षण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक एवं शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने का फैसला किया गया।

बताया कि सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह दिसंबर 2017 तक करा लिए जाएंगे। राज्यपाल ने उप्र के राजभवन द्वारा अन्य क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोगों जैसे पारदर्शिता और जवाबदेही के मद्देनजर वार्षिक रिपोर्ट का प्रकाशन, स्वच्छता अभियान, योग दिवस का पूर्वाभ्यास, सर्वाधिक मतदान वाले बूथों का राजभवन में सम्मान से भी सम्मेलन में मौजूद लोगों को अवगत कराया।

उन्होंने यह भी बताया कि कागज बचाने के लिए राजभवन में फ्रैंकिंग मशीन का प्रयोग शुरू किया गया। कई अन्य मुद्दों पर भी बात रखी।

हवाई किराया नीति बने

नाईक ने कहा, प्रदेश सरकार ने प्रमुख शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने का  काम शुरू किया है। इसके लिए केंद्र प्रदेश को छोटे वायुयान उपलब्ध कराने में सहयोग दे।

हवाई मार्ग किराए के लिए भी नीति बननी चाहिए क्योंकि एक ही समय में एक शहर से दूसरे शहर का किराया सीट की उपलब्धता के आधार पर घटता-बढ़ता है। इससे यात्रियों को असुविधा होती है। 

कहा कि जापानी बुखार से ग्रस्त उत्तर प्रदेश खासतौर से पूर्वांचल के लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए गोरखपुर में एम्स का काम शुरू कर दिया गया है। 

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