फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Goverment school should be return fees

यूपीः स्कूलों को लौटानी होगी बच्चों से ली हुई फीस

Mon, 13 Jul 2015 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,कानपुर Updated Mon, 13 Jul 2015 10:44 AM IST
विज्ञापन
Goverment school should be return fees

उत्तर प्रदेश के शासकीय व निजी माध्यमिक विद्यालयों में सत्र परिवर्तन के नाम पर स्टूडेंटों से दो बार वसूली गई अप्रैल,मई और जून की फीस स्टूडेंट को वापस या समायोजित करनी होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.अवध नरेश शर्मा ने विद्यालयों को यह आदेश जारी किए हैं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा है कि किसी भी विद्यालय को दो बार फीस लेने का अधिकार नहीं है। विद्यालयों में पहुंचे शिक्षा निदेशक के इस आदेश ने खलबली मचा दी है।

विद्यालय संचालकों का कहना है कि हमेशा की तरह फीस अलग अलग कई मदों में बैंक में जमा कर दी गई है। इसे निकालना बहुत मुश्किल है। हालांकि वे फीस आगे के महीनों में समायोजित करने पर विचार कर रहे हैं।

विज्ञापन

डगमगा सकता ‌है स्कूलों का एकाउंट

Goverment school should be return fees

सरकारी विद्यालयों के प्रशासकों की मानें तो 9वीं और 10वीं के छात्रों से लगभग सात से नौ रुपये और 11वीं व 12वीं के छात्रों से लगभग 9 से 14 रुपये (साइंस सहित)फीस ली जाती है।

इसके बाद इस फीस को विकास,महंगाई,खेल,विज्ञान, कला,रेडक्रास और स्काउट सहित कई अलग-अलग मदों में बांट कर बैंक में इन मदों में खुले विद्यालय के खातों में जमा करा दिया जाता है।

विद्यालयों का कहना है कि तीन महीने बाद इन मदों से अलग अलग फीस निकाल कर छात्रों को वापस करने से विद्यालयों में एकाउंट संबंधी समस्या खड़ी हो जाएगी। इसके अलावा कई और भी समस्याएं सामने आएंगी।

इस वजह से दो बार वसूली गई फीस

Goverment school should be return fees

माध्यमिक शिक्षा में नियमानुसार अभी तक विद्यालयों का सत्र 1 जुलाई से 20 मई तक चलता था। विद्यालय गर्मी की छुट्टी से पहले जून की फीस भी जमा करा लेते थे।इससे जुलाई में पुन:या नए प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट जुलाई से फीस जमा करते थे। पर,2015 में आए नए आदेश में कहा गया कि सत्र 1 अप्रैल से शुरू किया जाए।

विद्यालयों ने इस आदेश को मानते हुए 1 अप्रैल से प्रवेश शुरू कर दिए और 1 अप्रैल को नया सत्र मानते हुए नए-पुराने दोनों स्टूडेंटों से अप्रैल,मई और जून की फीस जमा करा ली। चूंकि विद्यालय में पहले से पढ़ रहे स्टूडेंट पिछले सत्र के नियमों के अनुसार जून तक की फीस पहले ही जमा कर चुके थे,ऐसे में उनसे दोबारा अप्रैल,मई और जून की फीस जमा कराए जाने का विरोध शुरू हो गया।

अभिभावकों और शिक्षक संघों का विरोध लखनऊ तक पहुंच गया जिसे शिक्षा निदेशक ने संज्ञान में लिया और विद्यालयों को आदेश दिए कि जो छात्र विद्यालय में पहले से पढ़ रहे हैं और नई कक्षा में प्रवेश करने से पहले अप्रैल,मई और जून की फीस जमा कर चुके हैं,उनसे दोबारा इन तीन महीनों की फीस न जमा कराई जाए। जो विद्यालय यह फीस ले चुके हैं वह तत्काल फीस वापस करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed