डीजल की कीमतों का कहर ढाना शुरू, 25 फीसदी बढ़ा मालभाड़ा, व्यापारी बोले- चौपट होगी अर्थव्यवस्था
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डीजल की दरों में लगातार वृद्धि के बाद राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्टर ने गुरुवार से मालभाड़ा 25 प्रतिशत बढ़ा दिया। इसका सीधा असर दैनिक वस्तुओं के दामों पर पड़ेगा। मीडिया संयोजक जगदीश गुप्ता ने बताया कि लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में मालभाड़ा बढ़ाने का फैसला हुआ।
जगदीश गुप्त और अग्रहरि ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवसायी डीजल के दाम बढ़ने से मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी लॉकडाउन में कोई राहत नहीं दी है। इसके अलावा लॉकडाउन के समय का विलंब शुल्क भी वसूल रही है।
इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने के लिए समय मांगा है। बैठक में अध्यक्ष संतोष जैन और महामंत्री पंकज शुक्ला सहित हरीश सिंह, राकेश सिन्हा, हरप्रीत भाटिया, संपत जैन और अमित शुक्ला, जयभान सिंह, रीतेश धवन सहित प्रमुख ट्रांसपोर्टर उपस्थित थे।
लखनऊ से वर्तमान में माल भाड़ा रुपये में
कहां तक -- मिनी ट्रक -- ट्रक
सीतापुर -- 5000 -- 7500
अयोध्या -- 6000 -- 9000
गोरखपुर -- 10500 -- 16500
हरदोई -- 5000 -- 7500
बहराइच -- 6000 -- 9000
गोंडा -- 6000 -- 9000
प्रयाग -- 8500 -- 13500
वाराणसी -- 11500 -- 16500
मिर्जापुर -- 11500 -- 16500
आटा, दाल, चावल की कीमतें बढ़ेंगी
ईंट-भट्ठा कारोबारी मुकेश मोदी ने बताया कि डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से माल-भाड़ा बढ़ने के कारण लोगों को अब मकान बनवाना भी महंगा पड़ेगा। अब भट्ठे से जो ईंट ग्राहकों के गंतव्य तक भेजी जाएगी, उस पर कम से कम 150 से 200 रुपये प्रति हजार ईंट की कीमत बढ़ जाएगी। दरअसल ईंट ढोने वाले ट्रक और ट्रैक्टर भट्ठा मालिकों से दोनों तरफ का किराया लेते हैं।
पूरी अर्थव्यवस्था चौपट कर देगी डीजल की कीमतें
लखनऊ व्यापार मंडल के महामंत्री सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि डीजल की कीमतें बढ़ने से पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट के जरिए माल की आवाजाही में सभी तरीकों पर रेट बढ़ जाएगा। पहले ही व्यापारी आर्थिक मंदी से जूझ रहा। अब और मुश्किल होगी।
लंबी दूरी से माल मंगवाने वालों पर बढ़ेगा ज्यादा बोझ
व्यापारी नेता सतनाम सेठी ने कहा कि माल भाड़ा बढ़ने से सबसे अधिक उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा जो लंबी दूरी से माल मंगाते हैं। जिनमें एक आइटम दवा भी है। यह दवाइयां मुंबई से लेकर कई अन्य राज्यों से लखनऊ आती हैं। मालभाड़ा बढ़ने से दवा की ढुलाई पर भी असर पड़ेगा। इससे उनकी कीमतें भी बढ़ेंगी।