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Lucknow News: अच्छा आचरण करने से सुखी रहता है परिवार
Wed, 26 Mar 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:52 AM IST
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जामों कस्बे में श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। -आयोजक
जामो (अमेठी)। मनुष्य के जीवन में अच्छा आचरण करने पर ही उत्थान होता है और परिवार सुखी रहता है। माता-पिता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। ये बातें कस्बे में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन मंगलवार को प्रवाचक आचार्य पं. राजेश निर्मोही महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि जब-जब धरती पर अधिक पाप बढ़ जाता है, तब-तब भगवान अवतरित होकर दुष्टों का संहार करते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग के बल पर मानव जीवन सुखमय हो सकता है और जीवन में सुधार आ सकता है। प्रत्येक प्राणी परमात्मा का अंश है और प्रभु की शरण में आने से ही कल्याण हो सकता है। प्रवाचक ने श्रीराम के विवाह के बाद राजमहल में आईं चारों रानियों का वर्णन करके श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
उन्होंने माता सीता की ससुराल में सास-ससुर की सेवा करने का भी वर्णन किया। ससुराल में पहुंचने पर बहुओं को कैसे रहना चाहिए, इस बात को अपने ढंग से बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ससुराल पहुंचकर सास-ससुर की सेवा करने के साथ अपने पति की आज्ञा का पालन करना चाहिए। बिना उनके आदेश के कोई काम नहीं करना चाहिए। इस मौके पर मुख्य यजमान धर्मराज मिश्र, डॉ. राम कृपाल सोनी, राममिलन पांडेय, रमाकांत तिवारी, मनोज कुमार सोनी और अवधेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि जब-जब धरती पर अधिक पाप बढ़ जाता है, तब-तब भगवान अवतरित होकर दुष्टों का संहार करते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग के बल पर मानव जीवन सुखमय हो सकता है और जीवन में सुधार आ सकता है। प्रत्येक प्राणी परमात्मा का अंश है और प्रभु की शरण में आने से ही कल्याण हो सकता है। प्रवाचक ने श्रीराम के विवाह के बाद राजमहल में आईं चारों रानियों का वर्णन करके श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
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उन्होंने माता सीता की ससुराल में सास-ससुर की सेवा करने का भी वर्णन किया। ससुराल में पहुंचने पर बहुओं को कैसे रहना चाहिए, इस बात को अपने ढंग से बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ससुराल पहुंचकर सास-ससुर की सेवा करने के साथ अपने पति की आज्ञा का पालन करना चाहिए। बिना उनके आदेश के कोई काम नहीं करना चाहिए। इस मौके पर मुख्य यजमान धर्मराज मिश्र, डॉ. राम कृपाल सोनी, राममिलन पांडेय, रमाकांत तिवारी, मनोज कुमार सोनी और अवधेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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