फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Gonda News: Enemy property in the possession of Municipality President sealed, illegally occupied by Uzma Rash

Gonda News : नगर पालिका अध्यक्ष के कब्जे वाली शत्रु सम्पत्ति सील, अवैध रूप से काबिज थीं उज़्मा राशिद

Thu, 15 Jun 2023 04:38 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, गोंडा Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 15 Jun 2023 04:38 PM IST
सार

नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष व सपा नेता उज्मा को घर खाली करने के लिए बेदखली की नोटिस बीते चार मार्च को प्रशासन दिया था। इसके बाद भी उन्होंने मकान खाली कर प्रशासन के सुपुर्द नहीं किया।

विज्ञापन
Gonda News: Enemy property in the possession of Municipality President sealed, illegally occupied by Uzma Rash
सीलिंग की कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अवैध रूप से शहर में  शत्रु संपत्ति पर कब्जा करके रह रहीं नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उज्मा राशिद को प्रशासन ने आखिरकार बेदखल ही कर दिया। अध्यक्ष उज्मा राशिद ने किराएदार के रूप में शत्रु संपत्ति को लिया और फिर उसका नक्शा पास कराकर मकान का निर्माण करा लिया। 

विज्ञापन


नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष व सपा नेता उज्मा को घर खाली करने के लिए बेदखली की नोटिस बीते चार मार्च को प्रशासन दिया था। इसके बाद भी उन्होंने मकान खाली कर प्रशासन के सुपुर्द नहीं किया। डीएम के निर्देश पर बुधवार की देर शाम तहसीलदार अखिलेश कुमार राजस्व टीम के साथ रकाबगंज स्थित आवास पर पहुंचे और बेदखली की कार्रवाई की।
विज्ञापन


प्रशासन ने दरवाजे पर अपना ताला जड़ दिया। इसकी निगरानी नगर कोतवाली न नगर पालिका के अधिकारी नियमित रूप से करेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष उज्मा राशिद के खिलाफ शत्रु संपत्ति कब्जाकर मकान बनाने के मामले में जांच का आदेश साल 2021 में दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष पर किरायेदार के रूप में नियम विरुद्ध नक्शा स्वीकृत कराकर निर्माण कराने में अब जाकर कार्रवाई हुई है। दूसरी ओर प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर में खलबली मची रही। तहसीलदार अखिलेश कुमार ने बताया कि कब्जेदार ने नोटिस के बाद भी शत्रु संपत्ति खाली नहीं किया था। इसलिए बेदखली की कार्रवाई की गई है।


आजादी के बाद तय हुई थीं शत्रु संपत्तियां
शत्रु संपत्तियां आजादी के बाद 1968 में तय की गईं थीं। पाकिस्तान बंटवारे से यहां जो लोग संपत्ति छोड़कर चले गए और वहां के नागरिक हो गए थे। उनकी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करके शासन ने अपने संरक्षण में ले लिया था। 2017 में केंद्र सरकार की ओर से संशोधन किया गया, और कई तरह के नियंत्रण किए गए। इसके बाद से लोगों की निगाहें शत्रु संपत्तियों पर टिक गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed