मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे में गोमती भी शामिल
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आदि गंगा गोमती को नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे में शामिल किया गया है।
जिसके तहत पीलीभीत में गोमती के उद्गम स्थल से लखनऊ तक नदी को स्वच्छ और निर्मल करने के साथ ही घाटों को विकसित किया जाएगा।
इसलिए लखनऊ के लिए जो डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम केंद्र सरकार ने शुरू किया था, उसको अब विस्तार दिया जाएगा।
यह काम अब उद्गम स्थल से शुरू होगा। ऐसे में पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर और वहां से लखनऊ में प्रवेश कर के गोमती के इस पूरे रूट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत सरिता को सुधारा और संवारा जाएगा।
फिलहाल इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है। मगर इसमें गोमती को कितना मिलेगा यह साफ नहीं है।
इस संबंध में केंद्रीय विभागों के अधिकारियों से बातचीत के लिए महापौर डॉ. दिनेश शर्मा शनिवार को दिल्ली रवाना हो गए।
चार जिलों में चलेगा प्रोजेक्ट
गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए केंद्र सरकार नमामि गंगे परियोजना के तहत काम करेगी। इसको लेकर केंद्र के जल संसाधन मंत्रालय ने गोमती को भी परियोजना में शामिल कर लिया है।
मगर अब केवल लखनऊ नहीं बल्कि चार जिलों में ये प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। जिसकी शुरुआत पीलीभीत में उद्गम स्थल से अंत लखनऊ में होगा।
माना जा रहा है कि, अगर इन जिलों में गोमती स्वच्छ होगी तो इसके बाद के चरण में सुल्तानपुर और जौनपुर में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा। जौनपुर और वाराणसी की सीमा पर गोमा गंगा में मिल जाती है।
नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा
दरअसल अनेक परियोजनाओं के आने के बावजूद अनेक बड़े नाले सीधे गोमती में मिल रहे हैं। जिससे गोमती दिन पर दिन प्रदूषित होती जा रही है। इसके लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सहयोग से स्कीम लाई जा रही है।
ये स्कीम गोमती को प्रदूषण मुक्त करेगी। इसके लिए गोमती में प्रवाहित होने वाले कचरे का नये सिरे से सर्वे करवाया जाएगा।
इसके अलावा गोमती में मिलने वाले डिस्टलरी और रिफाइनरी के प्रदूषित जल को रोका जाएगा। यही नहीं यहां के अनेक प्रमुख घाटों को भी नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत संवारा जाएगा।
गोमती प्रदूषण के अहम कारण
- अनेक नाले सीधे गोमती में गिर हरे हैं।
- लखीमपुर, सीतापुर में कई डिस्टलरी और रिफाइनरी का गंदा पानी सीधे गोमती में मिल रहा है।
- सिस गोमती पंपिंग स्टेशन में सीवर का पानी सीधे नदी में जा रहा है।
- दौलतगंज का एसटीपी भी अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है।
- पूरी क्षमता से पंपों के काम न करने ट्रीट नहीं हो रहा सीवरेज
- गोमा के किनारे नहीं हो रही कूड़े और सिल्ट की सफाई
केंद्र के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गोमती को भी शामिल कर लिया गया है। योजना के तहत गोमती के उद्गम स्थल पीलीभीत से लखनऊ तक नदी की स्वच्छता और घाटों के सुधार का काम होगा। अभी डीपीआर बनाने की शुरुआत हो रही थी लेकिन अब उसको विस्तार दिया जाएगा।
- डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर