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Lumpi Virus: बकरियों में लगने वाली वैक्सीन से गायों में रोका गया संक्रमण, अब तक लगाए गए डेढ़ करोड़ टीके

Mon, 07 Nov 2022 04:55 PM IST
ishwar ashish ishwar ashish
Updated Mon, 07 Nov 2022 04:55 PM IST
सार

लंपी वायरस का संक्रमण 31 जिलों तक सिमट गया है। गायों को गोट पॉक्स वैक्सीन के अब तक डेढ़ करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं।

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Goat pox vaccine prevents the lumpi virus in cows.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

उत्तर प्रदेश में लंपी वायरस काबू होने लगा है। बकरियों में लगाने वाली गोट पॉक्स वैक्सीन लगाकर गायों में इस बीमारी को काबू किया गया है। इसके डेढ़ करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में गोवंश में गोट पोक्स का बेल्ट वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसका परिणाम हैं कि यह वायरस 31 जिलों से बाहर नहीं निकला है।

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पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक इससे प्रभावित हुए लगभग एक लाख पशुओं में से अधिकतर गोवंश ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में रोजाना चार लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था साथ ही प्रदेश में 6408 गो आश्रय स्थलों की स्थापना की जा चुकी है जिसमें 9 लाख से अधिक गोवंश हैं। वहां भी टीकाकरण किया जा रहा है।
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एंटी लार्वा औषधि का छिड़काव करने को भी कहा गोवंश में फैले लंपी वायरस को नियंत्रित रखने के लिए प्रदेश सरकार ने कई प्रयास किए हैं। इसके तहत, अतिवृष्टि के बीच लंपी वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी गांवों में पंचायती राज एवं नगर विकास विभाग के सहयोग से एंटी लार्वा औषधि का छिड़काव करने को कहा गया है।

इसके अलावा, आगरा, मेरठ, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज एवं झांसी जनपदों में उपलब्ध कराई गई औषधि आइवरमेक्टिन बोलस तथा आयोडीन ऑयंटमेंट को पशुपालकों में वितरित कराया गया। लंपी वायरस से प्रभावित गोवंश तथा रोग से मृत गोवंश की सूचना तत्काल मुख्यालय को देने की व्यवस्था बनाई गई है।

रिंग और बेल्ट वैक्सीनेशन का आया असर
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सीएम के निर्देशानुसार प्रदेश में 2000 टीमें गठित कर व्यापक रूप से रिंग वैक्सीनेशन एवं बेल्ट वैक्सीनेशन किया गया। प्रदेश में सबसे पहले अगस्त के दूसरे सप्ताह में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण वाले गोवंश पाए गए थे। पशुपालन विभाग द्वारा तत्काल सतर्कता बरतते हुए सघन अनुश्रवण शुरू किया गया। शासन द्वारा टीम-9 का गठन किया गया। टीम-9 के 7 वरिष्ठ नोडल अधिकारियों द्वारा प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा एवं अलीगढ़ मंडलों का सघन भ्रमण किया गया।

पश्चिमी यूपी से शुरू किया वैक्सीनेशन

सर्वप्रथम प्रदेश के पश्चिमांचल के 25 प्रभावित जनपदों के लंपी प्रभावित क्षेत्रों में रिंग वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ किया गया। रोग का प्रसार पश्चिमांचल के जिलों से प्रदेश के मध्य एवं पूर्वी क्षेत्र में न हो इसलिए जनपद पीलीभीत से इटावा तक 10 किमी. चौड़ी एवं 320 किमी. लंबी पट्टी के अंतर्गत समस्त गोवंश का शत-प्रतिशत बेल्ट वैक्सीनेशन कराया गया।

पुन: जनपद इटावा से औरैया तक 155 किमी. लंबी पट्टी के अंतर्गत समस्त गोवंश का शत-प्रतिशत बेल्ट वैक्सीनेशन कराया गया। इसके अतिरिक्त समस्त नगर पालिकाओं एवं नगर-निगमों के चारों तरफ 10 किलोमीटर की परिधि में रिंग वैक्सीनेशन कराया गया।

बकरियों की थी यह वैक्सीन
कुछ सालों पहले बकरियों में इसी तरह का रोग फैला था। उससे निपटने के लिए गोट पॉक्स वैक्सीन ईजाद की गई थी। जब गोवंश में लंपी आया तो इसकी कोई वैक्सीन नहीं थी। ऐसे में गोट पॉक्स वैक्सीन का प्रयोग किया गया। डेढ़ करोड़ वैक्सीन लगाई गई। उसी से इस रोग की रोकथाम हो गई। हालांकि लंपी की वैक्सीन तैयार कर ली गई पर अभी उसे मंजूरी नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि अगले साल तक लंपी की वैक्सीन आ जाएगी।

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