यूनिसेफ की गुडविल एंबेसडर प्रियंका चोपड़ा जोंस औरंगाबाद के बेसिक स्कूल के बाद मोहनलालगंज के लालपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। यहां बच्चों का वजन कराने के साथ लंबाई नपवाई। बच्चों में पोषण का स्तर जानने के साथ गांव की महिला आरती से पूछा कि बच्चों को क्या खिलाया जाता है, उन्हें पोषाहार मिलता है या नहीं। बच्चों ने उन्हें बताया कि पोषाहार मिलता है। आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 11 बच्चे मौजूद रहे। चलते समय प्रियंका चोपड़ा ने कार का शीशा खोलकर सबको बॉय बॉय बोला तो वे खुशी से झूम उठे।
चिनहट के उत्तरधौना जूनियर हाईस्कूल पहुंचीं प्रियंका चोपड़ा ने बाल विवाह व बाल मजदूरी रुकवाने वाले किशोरी समूहों से मुलाकात की। इसमें शक्ति किशोरी समूह, दिव्या ज्ञान किशोरी समूह संग मीना मंच की कुल 15 किशोरियां मौजूद रहीं। एक स्टॉल पर किशोरी समूहों संग विद्याज्ञान की बच्चियों ने बाल श्रम संग बाल विवाह रुकवाने संबंधी क्रियाकलापों की जानकारी दी। दूसरे स्टॉल पर बाल सेवा योजना के लाभार्थियों व तीसरे स्टॉल पर स्मार्ट युवा कॉलेज के बच्चे मौजूद रहे। नई पहल कार्यक्रम के बृजेश ने बताया कि प्रियंका चोपड़ा के साथ आए यूनिसेफ अधिकारियों के समक्ष चिनहट बालिका पूर्व माध्यमिक स्कूल की बालिकाओं ने स्कूल के जर्जर भवन का मुद्दा उठाया।
लालपुर प्राइमरी स्कूल में कार्यक्रम के दौरान दखिना शेखपुर के पूर्व माध्यमिक स्कूल से कक्षा सात की छात्रा इशिता ने फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा से ऑटोग्राफ मांगा तो उन्होंने उसके रुमाल पर अपना ऑटोग्राफ दिया। ऑटोग्राफ पाकर छात्रा इशिता अवस्थी खुशी से झूम उठी।
परिसर में दूसरे गांव के विद्यालय के बच्चों के कार्यक्रम देख प्रियंका यहां पढ़ने वाले बच्चों से बिना मिले ही चली गईं, जिससे वे काफी मायूस दिखे। वहीं दखिना शेखपुर से आए 22 बच्चे काफी खुश नजर आए, इन्होंने प्रियंका के साथ सेल्फी भी ली।
प्रियंका को 2016 में ‘ग्लोबल यूनिसेफ गुडविल एंबेसडर’ के रूप में नियुक्त किया गया। वह बच्चों के अधिकारों तथा लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मीडिया पैनल चर्चाओं में भी भाग लेती रहती हैं।
वह भारत में जिन प्रमुख यूनिसेफ अभियानों से जुड़ी हुई हैं, उनका लक्ष्य किशोरियों और युवतियों को जीवन कौशल, उद्यम और नेटवर्किंग के कौशल का प्रशिक्षण देकर उन्हें मजबूत बनाना है। उन्होंने यूनिसेफ के अभियानों का प्रचार करने में भी मदद की है।