Girls Olympic: बेटियों ने दिखाया दम, कहा-हम नहीं किसी से कम, 75 जिलों की बेटियों ने छह खेलों में किया प्रतिभाग
केडी सिंह बाबू स्टेडियम बुधवार को अमर उजाला बालिका ओलंपिक का साक्षी बना। तीन दिनों तक चलने वाले इस ओलंपिक में प्रदेश के 18 मंडलों के 1000 से अधिक बालिका खिलाड़ी छह प्रकार के खेलों का हिस्सा बनेंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बुधवार सुबह से ही बालिकाओं की भीड़ थी...। कुछ दौड़ लगा रही थीं, तो कुछ स्टेडियम को निहारे जा रही थीं...। पूरा स्टेडियम उल्लास के रंग में रंगा था..। प्रदेश के 75 जिलों से अलग अलग खेलों में प्रतिभाग करने पहुंचीं एक हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए एक साथ हुंकार भरी तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
मौका था अमर उजाला खेल खिलाड़ी उत्तर प्रदेश बालिका ओलंपिक 2023 के शुुभारंभ का। तीन दिवसीय इस महोत्सव में हॉकी, वालीबॉल, हैंडबॉल, बॉक्सिंग, फुटबॉल और कराटे के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। सबसे पहले हॉकी मैच अयोध्या और मुरादाबाद के बीच खेली गई। अयोध्या की टीम ने एकतरफा मैच अपने नाम कर खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर दिव्यांग वेट लिफ्टर इच्छा पटेल को सम्मानित किया गया। अब अवसर था सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के जज्बे को सराहने का।
बूंद-बूंद मिल के बने लहर...
पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका शर्मिला सिंह के नेतृत्व में बालिकाओं ने बूंद-बूंद मिल के बने लहर... गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद चैंपियन ऑफ चैंपियंस कराटे एकेडमी की बेटियों ने अपना दमखम दिखाया। छेड़ के देखो तुम मुझको, मैं तुमको नहीं छोड़ूंगी गीत पर कराटे के खिलाड़ियों ने सेल्फ डिफेंस को लेकर बेहतरीन संदेश दिया। बालिकाओं ने अपनी प्रस्तुति के जरिए बता दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। वह अपनी सुरक्षा खुद कर सकती हैं और जरुरत पड़ने पर शोहदों को धूल चटाने में वे माहिर हैं। कराटे की इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने वहां मौजूद लोगों में जोश भर दिया और पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।
सैकड़ों स्कूली बच्चों ने बढ़ाया उत्साह
औपचारिक उद्घाटन के बाद शुरू हुआ महामुकाबला। हॉकी, वालीबॉल, कराटे, फुटबॉल, बॉक्सिंग और हैंडबॉल के खिलाड़ी एक-दूसरे से टक्कर लेने मैदान में उतर गए। खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए राजधानी के अलग अलग स्कूलों के सैकड़ों बच्चे मौजूद रहे। गुरुवार और शुक्रवार को भी बालिका ओलंपिक केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेली जाएगी। शुक्रवार को इसका समापन भी होगा।
खेल में विशेष उपलब्धि पर इनका हुआ सम्मान
इच्छा पटेलः स्पेशल चाइल्ड इच्छा पटेल सामान्य बच्चों के साथ खेलती हैं। वे देश की राष्ट्रीय स्तर की भारोत्तोलक के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्हें उनकी इस विशेष उपलब्धि के लिए समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व अन्य अतिथियों ने सम्मानित किया।
जायरा शेखः संसाधनविहीन होकर भी परिवार की आर्थिक कमजोरी को खेल में बाधा नहीं बनने दिया। यूपी की एकमात्र ऐसी फुटबॉलर हैं, जिन्होंने तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर खेला है। इन्हें भी इस मौके पर सम्मानित किया गया।
प्रदेश की खिलाड़ियों ने क्या कहा
आईडब्ल्यूएल खेलना मेरा सपना
मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला। गोरखपुर में नंदिनी महाविद्यालय से स्नातक कर रही हूं। मेरा सपना है कि मैं भविष्य में इंडियन विमेन लीग खेलूं और देश का नाम रोशन करूं। खेल-खिलाड़ी जैसे आयोजन बालिकाओं के बेहतर भविष्य का संकेत देते हैं।
- निदा इब्राहिम, गोरखपुर, फुटबाल
मैं स्नातक की छात्रा हूं। खेल मेरा जुनून है। राज्य स्तर पर फुटबाल खेल चुकी हूं। अंडर-19 में खेलने के बाद मेरा आत्मविश्वास खूब बढ़ गया। मेरा लक्ष्य ओलंपिक है, मैं चाहती हूं कि ओलंपिक खेलूं और देश के लिए मेडल लेकर आऊं। खेल में लड़कियां तमाम चुनौतियों के बावजूद बेहतर कर रही हैं।
-निशा कुमारी, मिर्जापुर, फुटबॉल
मेरा सपना, दुनिया देखे मेरे पंच का दम
मेरी आंखों में एक ही सपना है कि मेरे पंच का दम दुनिया देखे। फिलहाल मैं नेशनल खेल चुकी हूं। खेलो इंडिया यूनिवर्सटी गेम्स में सिल्वर और ऑल इंडिया यूनिवर्सटटी गेम में ब्रांज जीता हूं। एशियन गेम्स मेरा टारगेट है।
-मानसी शर्मा, आगरा, बाॅक्सिंग
खेल सपना, सेना में जाना लक्ष्य
मुझे खेलने का जुनून बचपन से ही है। मैं आर्मी में जाना चाहती हूं। खेल के माध्यम से मुझे ऐसा मौका मिलेगा, यह यकीन है। ओलंपिक जैसे आयोजन हम लड़कियों को आगे के लिए तैयार करने में भी मदद करते हैं।
-पायल, फुटबॉल, आजमगढ़
ओलंपिक में पदक जीतने
पहली बार लखनऊ आई हूं, पहली बार राज्य स्तर पर खेलने का मौका मिला। मेरा सपना है कि मैं ओलंपिक खेलूं और देश के नाम हो मेरी यह जीत।
-आकांक्षा एहलावत, हॉकी, मेरठ