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Lucknow News: झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी बच्ची की हालत, मौत
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लखनऊ। फैजुल्लागंज में झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद छह साल की बच्ची की मौत हो गई। इससे नाराज परिवारीजनों ने हंगामा किया तो वह मेडिकल स्टोर बंद कर भाग निकला। पुलिस ने किसी तरह परिवारीजनों को समझाकर शव का पोस्टमार्टम कराया।
फैजुल्लागंज के पुराना दाऊदनगर निवासी अनूप विश्वकर्मा पुताई मजदूर व उनकी पत्नी गुड़िया गृहिणी है। 10 साल का बेटा शिवम कक्षा छह का छात्र है। मामा कौशल ने बताया भांजी सौम्या को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार तेज होने पर गुड़िया उसे घर के नजदीक के मेडिकल स्टोर लेकर पहुंची। इसका संचालक प्रदीप खुद को डॉक्टर बताता था। उसने जांच के बाद बच्ची को इंजेक्शन लगाया और तीन खुराक दवा दी। फीस के 100 रुपये वसूले।
घर पहुंचने पर गुड़िया ने सौम्या को दवा खिलाई। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर नीला होने के साथ चकत्ते पड़ने लगे। पेट में तेज दर्द होने लगा। आननफानन परिवारीजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद सौम्या की मौत हो गई।
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गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
अनूप ने प्रदीप पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। परिवारीजन बच्ची का शव लेकर उसके मेडिकल स्टोर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख प्रदीप मेडिकल स्टोर बंद कर भाग निकला। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवारीजनों को समझाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि झोलाछाप प्रदीप मरीजों को इलाज भी मुहैया कराता था।
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फैजुल्लागंज के पुराना दाऊदनगर निवासी अनूप विश्वकर्मा पुताई मजदूर व उनकी पत्नी गुड़िया गृहिणी है। 10 साल का बेटा शिवम कक्षा छह का छात्र है। मामा कौशल ने बताया भांजी सौम्या को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार तेज होने पर गुड़िया उसे घर के नजदीक के मेडिकल स्टोर लेकर पहुंची। इसका संचालक प्रदीप खुद को डॉक्टर बताता था। उसने जांच के बाद बच्ची को इंजेक्शन लगाया और तीन खुराक दवा दी। फीस के 100 रुपये वसूले।
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घर पहुंचने पर गुड़िया ने सौम्या को दवा खिलाई। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर नीला होने के साथ चकत्ते पड़ने लगे। पेट में तेज दर्द होने लगा। आननफानन परिवारीजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद सौम्या की मौत हो गई।
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गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
अनूप ने प्रदीप पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। परिवारीजन बच्ची का शव लेकर उसके मेडिकल स्टोर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख प्रदीप मेडिकल स्टोर बंद कर भाग निकला। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवारीजनों को समझाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि झोलाछाप प्रदीप मरीजों को इलाज भी मुहैया कराता था।