{"_id":"65d8fb6dcfc3561fb001ab44","slug":"girls-clothes-found-in-garden-skull-in-bag-raebareli-news-c-101-1-slko1032-111109-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बाग में मिले बालिका के कपड़े, बैग में खोपड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बाग में मिले बालिका के कपड़े, बैग में खोपड़ी
Sat, 24 Feb 2024 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 24 Feb 2024 01:39 AM IST
विज्ञापन
हरचंदपुर (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में पूरे बली मजरे जोहवा शर्की गांव में एक माह पहले लापता हुई पांच साल की बालिका के कपड़े गांव के बाहर मिले। साथ ही बाग में एक बच्चे की खोपड़ी भी पुलिस ने बरामद की है। कपड़ों को बालिका के परिजनों ने पहचान लिया, लेकिन खोपड़ी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि डीएनए टेस्ट के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
पूरे बली मजरे जोहवा शर्की गांव के बिंदा दीन कुशवाहा की पांच वर्षीय बेटी प्रज्ञा बीती 24 जनवरी को घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। उसकी खोजबीन के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं, लेकिन उसका पता नहीं लग सका। घर वालों ने भी बहुत खोजबीन की। शुक्रवार को गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब बिंदादीन के घर के पास एक बाग में बालिका के कपड़े मिले। उन्हें देखकर परिजनों ने प्रज्ञा के कपड़े होने की बात कही।
जब पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस ने बाग की गहन जांच की तो कुछ दूरी पर एक बैग भी मिला, जिसमें एक बच्चे की खोपड़ी मिली, लेकिन इसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि बैग में मिली खोपड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद उसका डीएनए परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे यह पता चला सकेगा कि खोपड़ी लापता बालिका की है या किसी और की। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
पहेली सरीखा है कपड़ों और खोपड़ी का बाग में मिलना
रायबरेली। प्रज्ञा 24 जनवरी से लापता है और उसका कहीं कोई अता-पता नहीं है, जबकि शुक्रवार को उसके घर के पास की बाग में उसके पकड़े मिले हैं। वहीं बाग के भीतर बैग में किसी बच्चे की खोपड़ी भी बरामद हुई है। ऐसे में यह पूरा घटनाक्रम पहेली सरीखा हो गया है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। प्रज्ञा के परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस उलझी गुत्थी को लेकर हतप्रभ हैं।
वहीं पुलिस के सामने यह चुनौती है कि बरामद खोपड़ी किसकी है और प्रज्ञा के कपड़े बाग तक कैसे पहुंचे। क्या प्रज्ञा के साथ कोई अनहोनी हुई है या फिर कोई और राज है, जो घटनाक्रम के पीछे है। वहीं पुलिस का कहना है कि खोपड़ी की शिनाख्त के बाद केस की पड़ताल में तेजी आएगी।
विज्ञापन
पूरे बली मजरे जोहवा शर्की गांव के बिंदा दीन कुशवाहा की पांच वर्षीय बेटी प्रज्ञा बीती 24 जनवरी को घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। उसकी खोजबीन के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं, लेकिन उसका पता नहीं लग सका। घर वालों ने भी बहुत खोजबीन की। शुक्रवार को गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब बिंदादीन के घर के पास एक बाग में बालिका के कपड़े मिले। उन्हें देखकर परिजनों ने प्रज्ञा के कपड़े होने की बात कही।
विज्ञापन
जब पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिस ने बाग की गहन जांच की तो कुछ दूरी पर एक बैग भी मिला, जिसमें एक बच्चे की खोपड़ी मिली, लेकिन इसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि बैग में मिली खोपड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद उसका डीएनए परीक्षण भी कराया जाएगा, जिससे यह पता चला सकेगा कि खोपड़ी लापता बालिका की है या किसी और की। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
पहेली सरीखा है कपड़ों और खोपड़ी का बाग में मिलना
रायबरेली। प्रज्ञा 24 जनवरी से लापता है और उसका कहीं कोई अता-पता नहीं है, जबकि शुक्रवार को उसके घर के पास की बाग में उसके पकड़े मिले हैं। वहीं बाग के भीतर बैग में किसी बच्चे की खोपड़ी भी बरामद हुई है। ऐसे में यह पूरा घटनाक्रम पहेली सरीखा हो गया है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। प्रज्ञा के परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस उलझी गुत्थी को लेकर हतप्रभ हैं।
वहीं पुलिस के सामने यह चुनौती है कि बरामद खोपड़ी किसकी है और प्रज्ञा के कपड़े बाग तक कैसे पहुंचे। क्या प्रज्ञा के साथ कोई अनहोनी हुई है या फिर कोई और राज है, जो घटनाक्रम के पीछे है। वहीं पुलिस का कहना है कि खोपड़ी की शिनाख्त के बाद केस की पड़ताल में तेजी आएगी।