फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   girls become infertile by eating fast food

फास्ट फूड खाने से लड़कियों को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Sun, 03 Jan 2016 03:57 PM IST
Updated Sun, 03 Jan 2016 03:57 PM IST
विज्ञापन
girls become infertile by eating fast food

फास्ट फूड बांझपन का बड़ा कारण बन रहा है। पास्ता,पिज्जा, बर्गर, नूडल्स आदि अधिक खाना और टीवी से चिपके रहने से शरीर का वजन बढ़ रहा है। जरूरी है कि किशोरावस्था से ही लड़कियों को सही जीवन शैली और नियंत्रित खानपान के बारे में जागरूक किया जाए, जिससे उन्हें आगे चलकर होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।

विज्ञापन


अहमदाबाद से आए डॉ. फागुन शाह ने शनिवार को एक स्थानीय होटल में आयोजित लखनऊ ऑब्स एंड गाइनी सोसाइटी के सेमिनार में यह जानकारी दी।

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के सेमिनार में इंडोक्राइन और इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. फागुन ने बताया कि वजन बढ़ने के मामले में भारत विश्व में तीसरे पायदान पर है। प्रतिष्ठित मेडिकल जनरल लैनसेट के मुताबिक अमेरिका, चीन के बाद भारत तीसरा ऐसा देश हैं जहां मोटापा तेजी से बढ़ रहा है।

विज्ञापन

महिलाएं इसलिए हो रही हैं मोटापे का शिकार

girls become infertile by eating fast food

खानपान में लापरवाही और व्यायाम से दूर रहने के कारण ये महिलाओं में मोटापा बढ़ रहा है। इसी के चलते लोगों में गठिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, सोते समय सांस रुकना, हार्ट अटैक जैसी बीमारियां हो रही हैं।

महिलाओं में यह बीमारियां अन्य बीमारियों के साथ बांझपन भी बढ़ा रही हैं। माहवारी में अनियमितता और फिर अचानक बंद हो जाना या फिर अंडाणु का न बनना भी इसी जीवनशैली की देन है।

शुरुआत में इन अनियमितताओं पर ध्यान न देने से परिवार बढ़ाने की इच्छा के समय बांझपन के रूप में परिणाम सामने आ रहे हैं। यदि जितना भोजन लिया जा रहा है, उसके अनुसार एक्सरसाइज की जाए तो शरीर फिट रहता है। जंक फूड पर निर्भरता छोड़कर हरी सब्जियां, दाल, फल का सेवन करना भी बीमारी को दूर रखता है।

मधुमेह में सावधानी बरतें

girls become infertile by eating fast food

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीती कुमार ने बताया कि महिलाओं में मधुमेह दिक्कतें बढ़ा रहा है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत हो सकती है।

गर्भावस्था के 24 सप्ताह बाद होने वाली डायबिटीज में प्रसव के बाद महिला फिर से सामान्य हो जाती है। लेकिन महिला को पहले से डायबिटीज है तो सावधानी बरतना और डायबिटीज को कंट्रोल करना जरूरी है। अधिक वजन की महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की आशंका अधिक होती है।

उन्होंने बताया कि परिवारीजन सोचते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां का भोजन डबल कर दिया जाए। जिससे मां-बेटे दोनों को सही पोषण मिले जबकि ये गलत है। भोजन में पौष्टिकता की मात्रा बढ़ानी होती है न कि खाद्य पदार्थ की। इस मौके पर केजीएमयू की प्रो. उमा सिंह, प्रो. उर्मिला सिंह सहित राजधानी की ख्याति प्राप्त स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ मौजूद थीं।

विज्ञापन

जानलेवा है गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर

girls become infertile by eating fast food

डॉ. फागुन शाह ने बताया कि महिलाओं में उच्च रक्तचाप दो कारणों से होता है। एक तो गर्भावस्था के दौरान हार्मोन के अनियंत्रित स्राव से या फिर हाई ब्लड प्रेशर की स्थायी समस्या से। गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप पांच महीने के गर्भ के दौरान पता चलता है।

गर्भावस्था के दौरान महिला का बढ़ा हुआ रक्तचाप दवा खाने और प्रसव के बाद ठीक हो जाता है। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप गर्भ में पल रहे शिशु और उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यदि इसका सही समय पर पता न चले तो महिला के गुर्दे व लिवर की क्रियाशीलता पर असर पड़ता है।

शरीर में सूजन आ जाती है। इससे सिर दर्द होता है और पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा बढ़ जाती है। इसे प्री एक्लेम्पसिया स्टेज कहा जाता है। यदि इसे समय पर नियंत्रित कर लिया जाए तो बीमारी को काबू में किया जा सकता है। यदि चिकित्सक ने लापरवाही बरती तो मरीज को झटके आने लगते हैं और उसे आंखों से दिखना भी बंद हो सकता है या फिर उसकी मौत भी हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed