फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ghosi By Poll Results BJP allies could not stop scattering of ethnic votes

Ghosi By Poll Results: BJP के सहयोगी भी नहीं रोक पाए सजातीय मतों का बिखराव, इन जातियों का न दिला पाए पूरा वोट

Sun, 10 Sep 2023 08:25 AM IST
शाहरुख खान सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 10 Sep 2023 08:25 AM IST
सार

राजभर और निषाद के अलावा दारा सिंह चौहान भी अपनी जातियों पर असर छोड़ने में नाकामयाब रहे। घोसी क्षेत्र में चौहान जाति के भी मतदाताओं की संख्या 11 प्रतिशत के करीब बताई जाती है। 

विज्ञापन
Ghosi By Poll Results BJP allies could not stop scattering of ethnic votes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घोसी उपचुनाव के परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ही नहीं उसके सहयोगी दलों सुभासपा और निषाद पार्टी के नेता भी चुनावी प्रबंधन में फेल साबित हुए हैं। ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद अपनी-अपनी जातियों के मतों का बिखराव नहीं रोक सके। 
विज्ञापन


इसके अलावा बड़ी संख्या में दलित मतों को सहेजने में एनडीए की रणनीति कारगर नहीं रही। दरअसल, घोसी विधानसभा क्षेत्र में राजभर, चौहान, कुर्मी और निषाद जाति के अलावा उनकी उपजातियों के मतदाताओं की संख्या 35 प्रतिशत के करीब है। इनमें सबसे अधिक संख्या चौहान जाति की करीब 11 प्रतिशत और राजभर जाति की करीब 9 प्रतिशत है। 
विज्ञापन


इनके अलावा दलित मतदाताओं की संख्या भी 21 प्रतिशत के करीब है। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह को कुल 37.54 प्रतिशत ही वोट मिले सके। इसलिए माना जा रहा है कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से अपनी-अपनी जातियों के मतों को लेकर दावा कर रहे थे, वे गलत साबित हुए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्रीय सियासत के जानकारों का कहना है कि अगर पिछड़ी जातियों में बिखराव न हुआ होता तो दारा सिंह चौहान भले ही अधिक मतों से नहीं जीतते, पर उन्हें इतनी शर्मनाक हार का सामना भी न करना पड़ता।

इसलिए भी नहीं रोक पाए बिखराव
माना जा रहा है कि सुभासपा और निषाद पार्टी के अध्यक्ष भी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की तरह अति आत्मविश्वास से भरे रहे। दोनों नेता यह मान कर चल रहे थे कि उनकी जाति के लोग उनके अलावा किसी और के पाले में नहीं जाएंगे। विपक्ष की सेंधमारी की रणनीति का उन्हें तनिक भी अंदाजा नहीं रहा। मतदान के दिन तक भी ये नेता अति आत्मविश्वास के चलते मतदाताओं का मूड नहीं भांप पाए। इसलिए जातियों के बिखराव को रोकने में असफल रहे।

खुद दारा सिंह चौहान भी रहे बेअसर
राजभर और निषाद के अलावा दारा सिंह चौहान भी अपनी जातियों पर असर छोड़ने में नाकामयाब रहे। घोसी क्षेत्र में चौहान जाति के भी मतदाताओं की संख्या 11 प्रतिशत के करीब बताई जाती है। सूत्रों की मानें तो इनकी जाति के मतदाताओं में भी बिखराव हुआ है। कहा जा रहा है कि इनके सजातीय एक पूर्व नेता ने भी चौहान जाति के मतों में बिखराव में बड़ी भूमिका निभाई है। दलितों में सबसे अधिक हरिजन जाति (करीब 19 प्रतिशत) के मतदाताओं में भारी बिखराव को भी चौहान के हार का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
 

भूमिहार को साधने की गणित भी फेल
इस विधानसभा क्षेत्र में भूमिहार मतदाताओं की संख्या भी 48000 के करीब है। इनको साधने के लिए भाजपा संगठन ने कई कद्दावर नेताओं को लगाया था। इन नेताओं ने दिन-रात मेहनत भी की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर तैयारी न करने की वजह से इनकी रणनीति फेल रही। भूमिहार जाति में बिखराव होने की बात कही जा रही है।
पुरानी पेंशन समेत कई मुद्दों का रहा असर : मनोज सिंह

राजनीतिक विश्लेषक व बापू स्मारक कॉलेज घोसी (मऊ) के प्रोफेसर मनोज सिंह का कहना है कि घोसी में सत्ताधारी दल की हार की कई वजहें रहीं। इसमें पुरानी पेंशन के मुद्दे ने भी बड़ा रोल अदा किया है। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन बहाल न किए जाने से नाराज पिछड़ी जातियों के स्थानीय कर्मचारियों ने भाजपा के खिलाफ जमकर प्रचार किया। युवा वर्ग भी इस मुद्दे से सीधे जुड़ा।

पिछड़ी जातियों में तेज बिखराव में कर्मचारियों व युवाओं की भूमिका ने अहम रोल अदा किया। इसके अलावा राजभर और निषाद की तुलना में सपा से जुड़े स्थानीय नेताओं का असर अधिक रहा। इससे सुभासपा और निषाद पार्टी के नेताओं के बजाय लोगों ने स्थानीय नेताओं को तरजीह दी। कभी ओम प्रकाश राजभर के खास रहे महेंद्र राजभर की सक्रियता से भी राजभर जाति के लोगों को सपा के पक्ष में लाने में मदद मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed