धर्मांतरण होगा तो घर वापसी भी स्वीकारनी होगी: भाजपा
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केंद्रीय कौशल एवं उद्यमिता विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि धर्मांतरण होगा तो घर वापसी की बात भी स्वीकार करनी होगी।
विहिप व बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों की तरफ से घर वापसी का विवाद खड़ा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि देश में धर्मांतरण हो और घर वापसी न हो।
उन्होंने किसानों की सहमति के बगैर भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि जमीन नहीं लेंगे तो देश का विकास कैसे होगा। रूडी ने कहा कि देश का ढांचा संघात्मक है।
इसलिए राज्य सरकारों को प्रदेश के विकास के लिए अपनी नीतियां तय करने का अधिकार है। बावजूद इसके कुछ मामलों में प्रदेश सरकार का रवैया चिंता पैदा करता है। रूडी गुरुवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रूडी ने कहा कि भाजपा के जनाधार में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बन चुकी हैं, आगे होने वाले चुनाव में बिहार की सत्ता पर भी भाजपा का कब्जा होगा। दक्षिण के कई राज्यों के साथ ही 2017 में यूपी में भी भाजपा की सरकार बनेगी।
गोली का जवाब गोली से ही दिया जाएगा
रूडी ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। उसे भरोसा है कि भाजपा ही देश का विकास और सीमाओं की रक्षा कर सकती है। आतंकवादियों व घुसपैठियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे सकती है।
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को गोली का जवाब गोली से ही मिलेगा। केंद्र सरकार देश की संप्रभुता व अखंडता से कोई समझौता नहीं करने वाली। वे चाहे देश के भीतर सक्रिय अलगाववादी व विभाजनकारी ताकतें हों या बाहर की।
कश्मीर पर राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा फैसला : जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के समीकरण के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व फैसला करेगा। यह पूछने पर कि भाजपा क्या पीडीपी के मुख्यमंत्री को छह साल तक स्वीकार करने को तैयार होगी, उन्होंने कहा कि सब कुछ राष्ट्रीय नेतृत्व पर है।
किसानों के हितों पर बदली नहीं सरकार : भूमि अधिग्रहण में किसानों की सहमति की शर्त खत्म करने के पीछे केंद्र की मंशा क्या है? इस सवाल पर रूडी ने कहा कि शर्त खत्म नहीं की गई है। सिर्फ कुछ मामलों में यह छूट दी गई है। इसके अलावा किसानों की सहमति लेनी ही होगी। किसानों के अधिकारों में भी कटौती नहीं की गई है।