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सरकारी अस्पतालों में सामान्य इलाज भी बंद, दवाओं के दाम आसमान पर : रामगोविंद चौधरी
Tue, 20 Apr 2021 11:49 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:49 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष उतर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि वर्तमान समय में यूपी की सरकार केवल बयानों तक सीमित है।
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रामगोविंद चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेता प्रतिपक्ष उतर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि वर्तमान समय में यूपी की सरकार केवल बयानों तक सीमित है। ऐसी विकट स्थिति का सामना करने के लिए लोग डॉक्टरों की सलाह मानें। दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी का फार्मूला अपनाएं और अपनी तथा अपने परिवार की रक्षा खुद करें।
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मंगलवार को अपने आवास पर रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि कर्फ्यू और लॉकडाउन में हाँ और ना के बीच उतर प्रदेश में आम आदमी की सुध नहीं ली जा रही है। कोविड को छोड़िए, अधिकतर सरकारी अस्पतालों में इस समय सामान्य रोगों का भी इलाज बन्द कर दिया गया है। लोग मरीजों को लेकर दर दर भटक रहे हैं। लोगों की इस मजबूरी का असामाजिक तत्व लाभ उठा रहे हैं। जरूरी दवाएं बाजार से गायब हैं। कहीं मिल रही हैं तो मनमाने दाम पर। लोग मर रहे हैं।
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जरूरी चीजों के दाम भी अचानक बढ़ गए। इससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। इसे लेकर उच्चन्यायालय ने गम्भीर चिंता जतायी है। फिर भी सरकार सो रही है। उन्होंने कहा है कि ऐसे विकट समय में भाजपा की सरकारें आम लोगों को बचाने की जगह चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जितवाने में लगी हुई हैं।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि ऐसी स्थिति की शिकायत आम आदमी दो जगह करता है। सबसे पहले चुनाव आयोग से जिसकी हालत किसी से छिपी नहीं है। यहाँ से न्याय नहीं मिलने पर आम आदमी कोर्ट जाता है जिसके फैसले को सभी लोग मानते हैं।
उन्होंने कहा है कि यहां तो उच्च न्यायालय के ही फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। कहा है कि देश के हर नागरिक को मास्क लगाना चाहिए। जो लोग नहीं लगा रहें हैं उन्हें मौके पर ही मास्क दीजिए और लगाने के बाद ही जाने दीजिए लेकिन इसे लेकर दस हजार रुपए का जुर्माना अंग्रेजी राज की याद दिलाने वाला है। खुद बिना मास्क रैली करने वाले जनता से जुर्माना वसूल रहे हैं। सीएम अपने इस फैसले को तुरन्त वापस लें। कहा कि यह समय चुनाव हारने जीतने का नहीं है, यह समय आपदा का मुकाबला करने का है, लोगों का जीवन बचाने का है।