‘अरबपति’ गायत्री की अब राज्यपाल से शिकायत
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खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वाले ओम शंकर द्विवेदी रविवार को राज्यपाल राम नाईक से मिलेंगे। वह राज्यपाल से भी गायत्री की संपत्ति की जांच कराकर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
ओम शंकर द्विवेदी ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता कर खनन मंत्री की संपत्तियों के कई और सुबूत मीडिया के सामने पेश किए। कहा कि लोकायुक्त से शिकायत में 943 करोड़ की संपत्ति की बात कही है। लेकिन 13 दिसंबर तक कई और संपत्तियों का ब्यौरा मिल गया है।
अब तक गायत्री की 1350 करोड़ की संपत्तियों की रजिस्ट्री मिल चुकी है। 22 दिसंबर को लोकायुक्त के यहां सुनवाई में यह भी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि गायत्री प्रसाद ने 2012 में जो शपथ पत्र चुनाव आयोग को दिया था, उसमें 1.83 करोड़ की संपत्ति दिखाई है।
यह शपथ पत्र पूरी तरह झूठा है। उन्होंने अपने पुत्रों अनिल व अनुराग प्रजापति की एक भी संपत्ति का ब्यौरा शपथ पत्र में नहीं दिया है। जबकि यह भी करोड़ों रुपये के मालिक हैं।
सीएम ईमानदार और मुलायम दयालु
उन्होंने कहा कि वे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे। साथ ही गलत शपथ पत्र देने के लिए मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
प्रतापगढ़ के ओम शंकर द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ईमानदार हैं। उनके मंत्रिमंडल में इस तरह के मंत्री शामिल हैं, उन्हें ऐसे मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए। जहां तक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बात की जाए तो वे बहुत दयालु हैं।
गायत्री उन्हें भ्रमित कर अपनी संपत्ति बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री की यूपी के अलावा कई और राज्यों में भी संपत्तियां हैं। इसका विवरण भी कुछ दिनों बाद पत्रकार वार्ता कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ के ओम शंकर द्विवेदी ने दो दिन पहले ही गायत्री प्रसाद के खिलाफ ये शिकायत दर्ज कराई थी। उनका दावा है कि मंत्री बनने के बाद गायत्री प्रसाद प्रजापति अरबपति हो गए। उनकी संपत्ति 500 गुना से ज्यादा हो गई है।
शिकायत के साथ हाईकोर्ट के वकील अजय प्रताप सिंह राठौर ने अपना वकालतनामा लगाया था। उन्होंने 1725 पन्ने साक्ष्य के रूप में पेश किए थे। शिकायतकर्ता के वकील का दावा है कि अभी तो केवल अमेठी, लखनऊ सदर व मोहनलालगंज में ही खरीदी गई जमीनों की रजिस्ट्री शिकायत के साथ संलग्न की गई है।