गायत्री को बचाने वाले दोनों सीओ की खुली पोल, दोषी करार
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पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ चित्रकूट की महिला व उसकी बेटी से गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट के केस की विवेचक रहीं आलमबाग की तत्कालीन सीओ अमिता सिंह और हजरतगंज के सीओ अवनीश कुमार मिश्रा ने खूब गड़बड़ियां कीं।
इसके चलते कोर्ट ने गायत्री और उसके दो साथियों विकास वर्मा और अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह को जमानत दे दी थी।
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स ने जांच में दोनों को दोषी पाते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट एसएसपी दीपक कुमार को सौंप दी गई है। एसएसपी ने बताया कि दोनों विवेचकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए जांच रिपोर्ट जल्द ही आईजी रेंज को भेजी जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि 62 पन्ने की रिपोर्ट में दोनों विवेचकों की कई गड़बड़ियां और चूक सामने आई हैं। दोनों ने गायत्री व उसके छह साथियों को बचाने की कोशिश की।
दो बार बदले गए विवेचक
मामले की विवेचना पहले सीओ अमिता सिंह को दी गई। पीड़िता ने कोर्ट में अमिता की शिकायत की कि वे गायत्री का पक्ष लेने और बचाने के लिए दबाव बना रही हैं।
इसके बाद विवेचना सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा को सौंपा कया। अवनीश ने भी पूर्व विवेचक की गलतियों को नजरअंदाज कर जांच आगे बढ़ाई।
उनकी गलतियों के चलते गायत्री और उसके दो साथी को कोर्ट ने जमानत दे दी थी।