इन दुकानों की मिठाई खाकर जा सकती है जान!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हजरतगंज की चौधरी स्वीट्स और तेलीबाग की गणपति स्वीट्स की मिठाइयां लैब टेस्ट में जानलेवा पाई गई हैं।
चौधरी स्वीट्स से लिए गए मिल्क पुडिंग के नमूने में केमिकल कलर मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं गणपति स्वीट्स के खोवा बर्फी में डिटर्जेंट मिलाए जाने का पता चला है।
इनके अलावा मधुरिमा, मोतीमहल, कलेवा और त्रिपाठी स्वीट्स के नमूने भी फेल पाए गए हैं। एफएसडीए के खाद्य आयुक्त बादल चटर्जी ने बताया कि अनसेफ श्रेणी में फेल आई गणपति व चौधरी स्वीट्स के नमूनों की लैब रिपोर्ट के आधार पर दुकान का फूड लाइसेंस निरस्त कर इसके संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
गणपति और चौधरी के नमूने जानलेवा
30 दिसंबर को शहर की नौ प्रमुख मिठाई दुकानों पर छापा मारकर मिठाइयों के 21 नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला में जांच में इनमें से आठ फेल पाए गए। वहीं दो नमूने मानव जीवन के लिए खतरा मानी जाने वाली अनसेफ श्रेणी में पाए गए।
इसके साथ ही मधुरिमा, मोतीमहल, कलेवा और त्रिपाठी स्वीट्स से लिए गए खोवा, सोयाबीन रिफाइंड, बर्फी और नमकीन के नमूनों की रिपोर्ट भी सब स्टैंडर्ड पाए जाने के आधार पर फेल आई है।
खाद्य सामग्री में डिटर्जेंट, खतरनाक घुलनशील केमिकल रंग सहित अन्य तरह की मिलावट पेट, त्वचा और दिल की बीमारी के लिए जिम्मेदार होता है।
गैस्ट्रो सर्जन डॉ. संजीव बिश्वास ने बताया, लंबे समय तक इस तरह की मिलावटी खाद्य सामग्री के सेवन से लीवर खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही धमनियों में इसका फैट जमा होने से हार्ट अटैक भी हो सकता है।