बुरे फंसे गायत्री प्रसाद प्रजापति, लटक रही गिरफ्तारी की तलवार
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पीड़िता के कोर्ट में बयान के बाद गैंगरेप में फंसे सूबे के कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि कोर्ट में चित्रकूट की पीड़िता के कलमबंद बयान के बाद गायत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं। अब पीड़िता और प्रजापति के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि गायत्री और पीड़िता के बीच फोन पर कई बार बातचीत होने की पुष्टि भी हो चुकी है। पीड़िता ने गायत्री के गौतमपल्ली स्थित आवास और पार्क रोड स्थित विधायक निवास के फ्लैट में रेप का आरोप लगाया था।
एसएसपी ने बताया कि केस की विवेचना कर रही सीओ आलमबाग अमिता सिंह को दोनों घटनास्थल के मुआयने के लिए भेजा जाएगा।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण व बेटी का मजिस्ट्रेटी बयान दिल्ली में होगा
एसएसपी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण दिल्ली में कराया जाएगा। वहीं, पीड़िता की बेटी के बयान और मेडिकल परीक्षण भी वहीं कराए जाएंगे। पीड़िता की बेटी दिल्ली में एक अस्पताल में भर्ती है। वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है। विवेचनाधिकारी को दिल्ली भेजकर वहीं की कोर्ट में उसके कलमबंद बयान दर्ज कराए जाएंगे।
दुष्कर्म पीड़िता ने कोर्ट में दर्ज कराया बयान
गायत्री प्रसाद प्रजापति व छह अन्य के खिलाफ दर्ज गैंगरेप एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में शनिवार को पीड़ित महिला ने सीजेएम के सामने कलम बंद बयान दर्ज कराया।
दिन में 11 बजे मुकदमे की विवेचक सीओ आलमबाग अमिता सिंह ने कोर्ट में पीड़िता को पेश किया और कोर्ट को पीड़िता पर हमले से आगाह करते हुए कलमबंद बयान दर्ज करने की अर्जी दी। सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बाद पीड़िता का कलमबंद बयान अपने विश्राम कक्ष में कराया।
मालूम हो कि 18 फरवरी को सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर राजधानी के गौतमपल्ली थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति और उसके साथियों के खिलाफ पीड़िता व उसकी पुत्री के साथ गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
28 अक्तूबर को हुई थी दरिंदगी
सूत्रों की मानें तो गायत्री प्रसाद प्रजापति के सरकारी आवास पर 28 अक्तूबर को उस समय दरिंदगी की हदें पार कर दी गईं, जब पीड़िता को बहकाकर वहां बुलाया गया। साथ में उसकी बेटी भी मौजूद थी। सूत्रों के मुताबिक मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति उसके साथ पिछले तीन साल से रेप कर रहा था।
अक्तूबर की घटना के बाद पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुलिस को पहुंची शिकायत सीबीसीआईडी को ट्रांसफर कर दी गई थी। महिला का कहना था कि गायत्री प्रजापति के आवास पर उसका आना जाना था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गायत्री ने अपने साथी अशोक तिवारी से उसे अपने आवास पर बुलाया और हमीरपुर में बालू के खनन का काम देने के लिए कहा। इस दौरान चाय मंगाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था, उसे पिला दिया।
महिला का आरोप है कि उसके बेहोश होने के बाद गायत्री के अलावा वहां मौजूद अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्र पाल, रूपेश और आशीष शुक्ला ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान इन लोगों ने कैमरे से फोटो भी खींची।
पीड़िता को दिए गए दो सुरक्षाकर्मी
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि पीड़िता ने कैबिनेट मंत्री से अपनी जान के खतरे की आशंका जताई थी। फिलहाल उसे दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए हैं। यह सुरक्षाकर्मी पीड़िता के साथ दिल्ली में रहेंगे।