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एसटीएफ को कामयाबी: बिटक्वॉइन से नशे का कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत छह गिरफ्तार

Thu, 08 Sep 2022 08:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 08 Sep 2022 08:30 AM IST
सार

 एसटीएफ  के डिप्टी एसपी दीपक सिंह के मुताबिक, सूचना मिली थी कि लखनऊ में कुछ लोग नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री कर रहे हैं। इसके लिए चंदरनगर में किराये के मकान में रहकर कॉल सेंटर चला रहे हैं। इसके बाद टीम ने गिरोह का पर्दाफाश किया।

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Gang involved in drug dealing with bitcoin busted, six arrested including the kingpin
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसटीएफ ने बुधवार को एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बिटक्वॉइन से भुगतान कराने के बाद देश-विदेश में नशीली व प्रतिबंधित दवाएं बेचता था। एसटीएफ ने गिरोह के सरगना बिजनौर निवासी शहबाज को उसके पांच साथियों के साथ आलमबाग इलाके से पकड़ा है। 
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यह गिरोह डार्कवेव से खरीदारों का डाटा जुटाता था। फिर ये दवाएं बेचने के लिए संपर्क करता था। गिरोह के पास से तीन लग्जरी गाड़ियां और प्रतिबंधित दवाएं भी मिली हैं। सभी आरोपी लखनऊ के हैं। एसटीएफ  के डिप्टी एसपी दीपक सिंह के मुताबिक, आरोपियों की पहचान बाजारखाला निवासी आरिज एजाज, आलमबाग निवासी गौतम लामा, गोसाईंगंज-अमेठी निवासी शारिब एजाज, बिजनौर निवासी जावेद खान और ऐशबाग निवासी सऊद अली के रूप में हुई। 
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सूचना मिली थी कि लखनऊ में कुछ लोग नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री कर रहे हैं। इसके लिए चंदरनगर में किराये के मकान में रहकर कॉल सेंटर चला रहे हैं। इसके बाद एसटीएफ  के इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह, सब इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह, एफएसडीए के सहायक आयुक्त, औषधि बृजेश कुमार सिंह, औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह समेत टीम चंदरनगर पहुंची और शहबाज को दबोच लिया।
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कोरियर से भेजते थे सामान
पूछताछ में शहबाज ने बताया कि वह डार्क वेव से ग्राहकों का डाटा लेता था। फिर व्हॉटसएप कॉलिंग के जरिये बात करता था। ग्राहक व्हॉटसएप पर ही ऑर्डर देते थे। इसके बाद ऑनलाइन बुकिंग कर नशीली व प्रतिबंधित दवाएं उन्हें भेज दी जाती थीं। इसके लिए भुगतान वर्चुअल करेंसी बिटक्वॉइन में लेता था। शहबाज ने कुबूला कि अवैध कारोबार में आरिज, सारिज, जावेद, सऊद और गौतम शामिल थे।
 

दवा बाजार से भी खरीदीं नशीली दवाएं

एसटीएफ  के अफसरों ने बताया कि शहबाज ने अमीनाबाद स्थित दवा बाजार से कुछ लोगों के जरिये नशीली दवायें खरीदी थीं। बरामद कई दवाओं की रेट लिस्ट और दवा बनाने वाली कंपनी का नाम बिगाड़ा गया था। एक व्यक्ति के पास पर्चे से खरीदी गई दवा भी पांच ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए। कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए भी 250 ग्राम से ज्यादा मात्रा में नशीली दवाएं नहीं होनी चाहिए। इनके पास से काफी मात्रा में दवाएं बरामद हुई हैं।

यह सामान हुआ बरामद
36 स्ट्रिप प्रतिबंधित दवाई, लैपटॉप, 30 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 17 मोबाइल, पांच आधार कार्ड, बीएमडब्ल्यू, सफारी व फोर्ड इंडीवर गाड़ियां, एक बाइक, पांच वोटर कार्ड और पांच हजार नकद।
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