फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   gang arrested who involved in fraud by incresing limit of credit card

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Wed, 03 Feb 2021 01:35 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 01:35 AM IST
विज्ञापन
gang arrested who involved in fraud by incresing limit of credit card
लखनऊ। कॉल सेंटर खोलकर लोगों को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, टूर पैकेज व गिफ्ट देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम सेल की टीम ने तीन जालसाजों को दबोचा है। इस गिरोह का संचालन दिल्ली में बैठा मास्टरमाइंड कर रहा था। इस फर्जी कॉल सेंटर में 6-7 युवतियों को भी नौकरी दी गई थी। साइबर टीम के मुताबिक, तीन महीने से चल रहे इस कॉल सेंटर में जालसाज10 से 12 लाख रुपये ठग चुके हैं।
विज्ञापन

डीसीपी क्राइम पीके तिवारी ने बताया, हसनगंज में रहने वाले इसराक सिराज ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई कि उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर दिया। उसकी बातों में फंसकर इसराक ने उसके बताए गए लिंक को क्लिक कर ओटीपी शेयर कर दी। इसके बाद उसके अकाउंट से 30 हजार रुपये कट गए। इसराक ने हसनगंज थाने में केस भी दर्ज कराया। साइबर क्राइम सेल ने उस नंबर और खाते से ट्रांसफर हुए दूसरे खाते की जांच शुरू की। साइबर टीम को चिनहट के देवा रोड पर चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर तक जानकारी हुई। दबिश के लिए एक टीम बनाई गई।
विज्ञापन

दिल्ली से उपलब्ध होता था डाटा
साइबर क्राइम सेल प्रभारी एसीपी विवेक रंजन राय ने बताया कि चिनहट के देवा रोड पर तीन महीने से चल रहे गो इंडिया नाम के इस कॉल सेंटर को दिल्ली से डाटा उपलब्ध कराया जाता था। इसके जरिए ग्राहकों को कॉल कर झांसा दिया जाता था। उनके बैंक, एटीएम व क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल की जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली में बैठा है मास्टर माइंड
एसीपी विवेक रंजन के मुताबिक, कॉल सेंटर संचालक व मास्टरमाइंड आमिर नाम का युवक चला रहा था। वह दिल्ली में बैठकर इस गिरोह को संचालित कर रहा है। लखनऊ में उसके तीन साथी कॉल सेंटर चला रहे थे जिनको साइबर क्राइम सेल की टीम ने दबोच लिया। पकड़े गए जालसाजों में मऊ के घोसी का रहने वाला अभिषेक पाल, आजमगढ़ के मुबारकपुर का अशोक पाल और दिल्ली के नजफगढ़ का राजकुमार वर्मा शािमल हैं। पुलिस ने तीनों के पास से लैपटॉप, एडीएम कार्ड, फर्जी मुहर, राउटर बरामद किया।
कार्ड के मुताबिक बनते थे बैंक के अधिकारी
साइबर क्राइम सेल के मथुरा राय के मुताबिक, डाटा मिलने के बाद कॉल सेंटर से इंटरनेट कॉलिंग से ग्राहकों को कॉल किया जाता था। जिस बैैंक का कार्ड ग्राहक के पास होता था उसके बैैंक के क्रेडिट विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बनकर बात करते थे। इससे आसानी से ग्राहक को अपने जाल में फंसा लेते थे।

दो साल पहले पकड़ा गया था गिरोह
साइबर क्राइम सेल के मुताबिक, दिल्ली से फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने वाला फरार आरोपी आमिर 2018 में भी पकड़ा गया था। उसे हजरतगंज पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने के मामले में गिरफ्तार किया था। इस बार वह दिल्ली में बैठकर अपना गिरोह संचालित कर रहा है। कॉल सेंटर एक जगह पर दो से तीन महीने ही संचालित करते थे। फिर जगह बदल देते थे। पूछताछ में पता चला है कि चिनहट के कॉल सेंटर को बंद करने की तैयारी थी। इनका अब नया ठिकाना इंदिरानगर केलेखराज मार्केट में बनने वाला था। इसके पहले ही गिरोह पकड़ लिया गया। पुलिस इस सेंटर में काम करने वाली युवतियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed