{"_id":"5e71b8938ebc3ea81577ab92","slug":"fsda-raid-on-sanitizer-factory-of-without-license-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एफएसडीए का छापाः बिना लाइसेंस फैक्टरी में बन रहा था सैनेटाइजर, दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफएसडीए का छापाः बिना लाइसेंस फैक्टरी में बन रहा था सैनेटाइजर, दो गिरफ्तार
Wed, 18 Mar 2020 11:32 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 18 Mar 2020 11:32 AM IST
विज्ञापन
अवैध तरीके से फैक्टरी चलाने वाले दबोचे गए
- फोटो : अमर उजाला
एफएसडीए की ड्रग इकाई ने मंगलवार को लखनऊ के निशातगंज में बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से सेनेटाइजर बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी। इस पर ताला डालकर बाजार में सप्लाई को मौजूद सौ मिली. की दस हजार बोतलों को सीज किया गया। स्टॉक दो लाख रुपये का है। पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया है।
डीएम के निर्देश के बाद एडीएम पूर्वी केपी सिंह की अगुवाई में सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन अरविंद गुप्ता, चीफ ड्रग इंस्पेक्टर सीतापुर सहित लखनऊ एफएसडीए ड्रग इकाई की वरिष्ठ निरीक्षक माधुरी सिंह ने सुबह 11.30 बजे निशातगंज में महालक्ष्मी केमिकल्स के नाम से चल रही फैक्टरी पर छापा मारा।
बिना लाइसेंस के चल रही फैक्टरी में आइसोप्रोफाइल अल्कोहल से तैयार सेनेटाइजर की 100 मिली पैकिंग वाली सप्लाई को तैयार 10 हजार बोतलें मिलीं। फैक्टरी नीरज खरे और संजय खरे मिलकर चला रहे थे। टीम ने सेनेटाइजर के तीन नमूने लैब को भेजे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम के निर्देश के बाद एडीएम पूर्वी केपी सिंह की अगुवाई में सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन अरविंद गुप्ता, चीफ ड्रग इंस्पेक्टर सीतापुर सहित लखनऊ एफएसडीए ड्रग इकाई की वरिष्ठ निरीक्षक माधुरी सिंह ने सुबह 11.30 बजे निशातगंज में महालक्ष्मी केमिकल्स के नाम से चल रही फैक्टरी पर छापा मारा।
विज्ञापन
बिना लाइसेंस के चल रही फैक्टरी में आइसोप्रोफाइल अल्कोहल से तैयार सेनेटाइजर की 100 मिली पैकिंग वाली सप्लाई को तैयार 10 हजार बोतलें मिलीं। फैक्टरी नीरज खरे और संजय खरे मिलकर चला रहे थे। टीम ने सेनेटाइजर के तीन नमूने लैब को भेजे।
विज्ञापन
Trending Videos
फिनाइल छोड़ बनाने लगे सैनेटाइजर
आस-पास के लोगों ने बताया कि खरे परिवार ने फिनाइल छोड़ करीब साल भर से सैनेटाइजर बनाना शुरू किया। औषधि निरीक्षक ने बताया सिर्फ जीएसटी पंजीयन के आधार पर फैक्टरी में अवैध तरीके से सैनेटाइजर बनाया जा रहा था।
जानकारी मेें पता चला कि फैक्ट्री में तैयार हो रहे सैनेटाइजर की सप्लाई राजधानी के साथ बाराबंकी, सीतापुर, अयोध्या, रायबरेली तक हो रही थी। नमूने की जांच रिपोर्ट के बाद ही आइसोप्रोफाइल अल्कोहल से तैयार सैनेटाइजर में गड़बड़ी सामने आएगी।
कालाबाजारी रोकने को दुकानों की जांच: सैनेटाइजर व मास्क की कालाबाजारी रोकने को ड्रग इकाई टीम ने मंगलवार को दवा दुकानों में जांच की। इसके घेरे में अमीनाबाद स्थित मेडिसिन मार्केट, महानगर, निशातगंज, भूतनाथ व चारबाग की एक दर्जन दवा दुकानें आईं।
जानकारी मेें पता चला कि फैक्ट्री में तैयार हो रहे सैनेटाइजर की सप्लाई राजधानी के साथ बाराबंकी, सीतापुर, अयोध्या, रायबरेली तक हो रही थी। नमूने की जांच रिपोर्ट के बाद ही आइसोप्रोफाइल अल्कोहल से तैयार सैनेटाइजर में गड़बड़ी सामने आएगी।
कालाबाजारी रोकने को दुकानों की जांच: सैनेटाइजर व मास्क की कालाबाजारी रोकने को ड्रग इकाई टीम ने मंगलवार को दवा दुकानों में जांच की। इसके घेरे में अमीनाबाद स्थित मेडिसिन मार्केट, महानगर, निशातगंज, भूतनाथ व चारबाग की एक दर्जन दवा दुकानें आईं।