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Lucknow News: अस्पतालों की कितनी फार्मेसी वैध, एफएसडीए के पास आंकड़ा नहीं

Tue, 06 Oct 2026 02:51 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:51 AM IST
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FSDA lacks data on how many hospital pharmacies are valid.
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के पास राजधानी के अस्पतालों में संचालित वैध फार्मेसियों की सही संख्या का आंकड़ा नहीं है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ माह पहले निजी अस्पतालों की जांच में कई फार्मेसियां बिना लाइसेंस संचालित मिली थीं। इसके बावजूद इन पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। आरोप है कि ऐसी फार्मेसियां मरीजों को एमआरपी पर दवाएं बेच रही हैं और मनमाने शुल्क की वसूली कर रही हैं।
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एफएसडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक, राजधानी में करीब 3500 थोक और छह हजार फुटकर दवा विक्रेता पंजीकृत हैं। इनमें अस्पतालों में संचालित फार्मेसियों की संख्या कितनी है, इसका अलग से रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। इससे अस्पतालों में दवा वितरण व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में बिना लाइसेंस संचालित मिली फार्मेसियों से मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। एफएसडीए के अधिकारियों ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही के कारण अवैध फार्मेसियों का संचालन जारी है।
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वैध कराने के लिए आवेदन शुरू
निजी अस्पतालों में संचालित बिना लाइसेंस वाली फार्मेसियों को वैध कराने के लिए संचालकों ने पोर्टल पर आवेदन करना शुरू कर दिया है। हालांकि, एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। बिना मानकों की जांच के किसी फार्मेसी को वैध नहीं किया जाएगा।
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Iस्वास्थ्य विभाग का काम अस्पतालों की चिकित्सकीय व्यवस्था, डॉक्टरों और स्टाफ की उपलब्धता की जांच करना है। फार्मेसियों की निगरानी संबंधित विभाग को करनी चाहिए। - डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI

Iस्वास्थ्य विभाग की जांच में जिन अस्पतालों में बिना लाइसेंस फार्मेसियां मिली थीं, उनकी जानकारी एफएसडीए को भेजी जानी चाहिए थी। निजी अस्पतालों की फार्मेसियों की जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर दवाएं जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। - ब्रजेश, सहायक मंडल आयुक्त, एफएसडीएI
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