फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   FSD takes tha sample to check the quality of sweets and food.

UP News: मिठाई न चिपके इसलिए ट्रे में लगाया तेल, एफएसडीए की जांच में सैंपल हुआ फेल, किया मूल्यांकन

Sun, 25 Sep 2022 04:51 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 25 Sep 2022 04:51 PM IST
सार

लापरवाही व दुकानदारों की गलत आदतों से खाद्य पदार्थ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच में फेल हो जाते हैं। मामले में दुकानदारों से बातचीत कर स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है।

विज्ञापन
FSD takes tha sample to check the quality of sweets and food.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

केस 1: वाराणसी लहरतारा के दुकानदार शेखर ने ट्रे में रिफाइंड आयल लगाकर बर्फी जमाई। ट्रे में तेल इसलिए लगाया ताकि बर्फी न चिपके, लेकिन वहीं बर्फी जांच में घटिया पाई गई। इसका कारण उसमें विजातीय वसा पाया जाना था।

विज्ञापन


केस 2: लखनऊ के  गोमतीनगर में दुकान पर समोसा रखा था। ग्राहक ने हाथ से छूकर देखा तो वह ठंडा था। ग्राहक की डिमांड पर दुकानदार ने दोबारा उसे गरम तेल में डाला। उसी समोसे की जांच हो गई तो वह घटिया पाया गया। दोबारा तलने से समोसे पर ट्रांस फैट बढ़ गया था। 
विज्ञापन


केस 3: उन्नाव की एक दुकान पर पूड़ी बनाने के लिए आटा सुबह से गूथ कर रखा गया था। जांच में वह संक्रमित मिला। मानक के अनुसार आटा गूथने के एक घंटे के अंदर उसका प्रयोग कर लेना चाहिए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


खाद्य पदार्थों की जांच में इस तरह के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। दुकानदारों की मंशा ग्राहकों को स्वादिष्ट और अच्छा खाद्य पदार्थ मुहैया कराने की होती पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की जांच में उनके सैंपल फेल हो जाते हैं। प्रदेश में एक लाख 10 हजार से अधिक लाइसेंसी खाद्य पदार्थ विक्रेता हैं। बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हर माह पांच सौ से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें 25 से 30 फीसदी अधोमानक पाए जाते हैं। इसे देखते हुए एफएसडीए ने जांच रिपोर्ट और दुकानदारों से बातचीत कर स्थिति का मूल्यांकन किया।

ये भी पढ़ें - चरित्र पर शक: पुष्पेंद्र के प्यार में इशरत से बनी सोनी...जिसके लिए छोड़ा धर्म और घर, अब उसी ने मार डाला

ये भी पढ़ें - भगवान तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा: ‘PWD इंजीनियर तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया'...लिखकर फंदे से झूला ठेकेदार

इस दौरान पाया गया कि तमाम दुकानदारों ने जानबूझकर किसी तरह की मिलावट नहीं की, लेकिन परंपरागत तरीके अपनाने व गलत आदतों की वजह से खाद्य पदार्थ अधोमानक हो गये। अब इसे रोकने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। एफएसडीए ने अब दुकानदारों को तेल, दूध, मांस, मसाला सहित सभी तरह के खाद्य पदार्थों को तैयार करने, उनके रखरखाव आदि के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का फैसला लिया है। इसके लिए करीब 20 हजार बुकलेट प्रकाशित की गई हैं। इसमें समझाया गया है कि किस खाद्य सामग्री का रखरखाव किस तरह से किया जाए।

ये भी पढ़ें - योगी सरकार 2.0: छह माह के कार्यकाल में चुनौतियों के बीच सख्त तेवरों से और मजबूत हुई सरकार

ये भी पढ़ें - छह माह की हुई योगी 2.0 सरकार: चुनौतियों को किया पार, एजेंडे पर दिया भरोसे का संदेश

इस तरह भी सैंपल होते हैं फेल
- लड्डू की बूंदी में सिंथेटिक कलर अधिक होना 
- एल्युमिनियम फाइल के प्रयोग से मिठाई का हानिकारक होना 
- चिकन-मटन करी में टारट्रेजिन मिलाना 
- अधिक समय तक घी को खुले में रखना 
- सीलन की वजह से मसालों में कीट पड़ जाना। 

50 प्रतिशत दुकानदार जागरूक नहीं

एफएसडीए उप आयुक्त हरिशंकर सिंहकुछ दुकानदार जानबूझकर गड़बड़ी करते हैं, लेकिन सर्वे में पता चला कि 50 फीसदी से ज्यादा दुकानदार जागरूक न होने की वजह से और ग्राहकों की डिमांड की वजह से नुकसान उठाते हैं। ऐसे में दुकानदारों को प्रशिक्षित करने की रणनीति अपनाई गई है। यह अभियान हर जिले में चलाया जा रहा है। इसका फायदा ग्राहकों को भी मिलेगा। 

मिलावट से बीमारी का खतरा 
केजीएमयू के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कई तरह की बीमारियों को बढ़ाते हैं। ट्रांस फैट के सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। यह धमनियों को ब्लॉक कर देता है। इससे दिल की बीमारी हो सकती है। एक ही तेल में बार-बार खाद्य पदार्थ तलने से कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा 30 फीसदी तक बढ़ जाता है। साफ-सफाई न होने और मक्खियों के बैठने से संबंधित खाद्य पदार्थ के विषाक्त होने का खतरा रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed