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भाई के मोबाइल से करता था युवतियों को ब्लैकमेल

Fri, 29 Jan 2021 01:44 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 01:44 AM IST
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Frudster blackmailed the girls with his brother's mobile
छात्राओं व युवतियों को लिंक भेजकर अपने जाल में फंसाकर ब्लैक मेल करने वाले जालसाज विनीत मिश्रा अपने भाई के मोबाइल से लिंक भेजकर युवतियों को ब्लैक मेल करता था।
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वहीं स्मिता.लेट नाम से लिंक भेजकर उनके मोबाइल से सोशल मीडिया साइट को हैक करता था। आरोपी के पास से दो मोबाइल में चार सिम लगे मिले।
एक सिम उसके भाई के नाम से था। दूसरा एक अन्य व्यक्ति के नाम। पुलिस ने विनीत के मोबाइल व लैपटॉप को फोरेंसिक टीम को भेज दिया है।
गौरतलब है कि पीजीआई व साइबर क्राइम सेल की टीम ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार किया था।
साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर मथुरा राय के मुताबिक, पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो नंबर विनीत के भाई का निकला।
पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि मोबाइल घर पर ही रहता था। उसका भाई विनीत इस्तेमाल करता था। पुलिस के मुताबिक, विनीत के पिता की मौत हो गई है।
छोटा भाई एक फर्नीचर की दुकान पर काम करता है। विनीत ने भाइयों को बता रखा है कि वह एक नेशनल कंपनी में ऑनलाइन नौकरी करता है। इसीलिए वह हमेशा लैपटॉप लेकर चलता था।
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विनीत के लैपटॉप में कई फोल्डर मिले है, जिसमें अलग-अलग प्रोफाइल के नाम से सेफ किया गया था। 2015 से वह काम कर रहा था और अब तक उसने करीब दस हजार टीन एजर्स लड़कियों का डाटा तैयार किया था।
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हालांकि उसके जाल में अब तक 400 लड़कियां फंसी थीं और उन्हें लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहा था। पीजीआई की जिस युवती ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराई थी, उसे वह 2019 से ब्लैकमेल कर रहा था।
कई बार पैसे ले चुका था। इस बार युवती ने मुकदमा दर्ज कराया। वह 20 हजार रुपये की मांग शुरू करता, जो जितना दे देता उसे लेकर रख लेता।
स्मिता.लेेट के नाम बना रखा था लिंक
पुलिस के मुताबिक आरोपी जिन युवतियों को निशाना बनाता था। उनको स्मिाता.लेट नाम का लिंक भेजता था। इसी लिंक को क्लिक करते ही युवतियों का सोशल मीडिया साइट हैक हो जाता।
इसके बाद उनकी फोटो डाउनलोड करता था। फेसबुक व इंस्टाग्राम पर युवतियों के निजी फोटो को भी डाउनलोड करता था। इसे लिंक के जरिए भेजकर ठगी करता था। पुलिस के मुताबिक जो युवतियों उसका कॉल नहीं उठाती थी। उनको धमकी भी देता था।
दो मोबाइल पर चलाता था पेटीएम
पुलिस के मुताबिक, उसके पास मिले चार सिम में दो पर पेटीएम की सुविधा ले रखी है। पुलिस ने उसके पेटीएम की डिटेल निकलवाई है। उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में यह तय हो सकेगा कि पिछले छह सालों में उसने कितने रुपये युवतियों से ठगे है। उसने किन इलाकों की युवतियों को ठगा है। कहां से उसके पेटीएम में रुपये आते थे।

साइबर सेल की सलाह- इन बातों का रखें ध्यान
- आपको सोशल साइट पर लिंक मिलता है। कोई उसे लिंक को खोलने के लिए कहता है कि आपकी आपत्तिजनक फोटो उस लिंक पर पड़ी है। उस लिंक पर अपना ईमेल व पासवर्ड न डालें। आपका एकाउंट फोटो गैलरी हैक हो सकता है। आपकी फोटो, वीडियो डाउनलोड कर ब्लैक मेल कर सकता है।
- किसी भी अनजान लिंक को खोलने से बचें
- सिर्फ परिचित के ही फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
- फेसबुक व सोशल साइट पर अपनी प्रोफाइल ब्लॉक रखें।
- सोशल साइट पर अपनी प्राइवेट फोटो व वीडियो शेयर न करें।
- खासतौर से किशोरियां, युवतियां सोशल साइट पर चैट करने से बचें।
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