पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के नाम पर दस लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज
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ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार के नाम पर जालसाज ने बिजली विभाग के ठेकेदार राजाजीपुरम के सेक्टर-12 निवासी सैय्यद मोबिन अहमद से 10 लाख रुपये ठग लिये। जालसाज ने पहले राजाजीपुरम के एक्सईएन एके सिंह को झांसे में लेकर ठेकेदार को फोन करवाया। खुद को आलोक कुमार बताते हुए ठेकेदार से संपर्क किया। उसने दो बार में 5-5 लाख रुपये खाते में जमा करवा लिये। तीसरी बार 10 लाख रुपये की मांग की तो ठेकेदार को संदेह हुआ। पड़ताल में धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पीड़ित ठेकेदार ने तालकटोरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक तालकटोरा धनंजय सिंह के मुताबिक,राजाजीपुरम के सेक्टर-12 निवासी सैय्यद मोबिन अहमद बिजली विभाग के ठेकेदार हैं। मोबिन अहमद के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह 11-12 बजे राजाजीपुरम विद्युत उपकेंद्र के एक्सईएन एके सिंह ने उन्हें फोन करके बताया कि चेयरमैन आलोक कुमार आपसे बात करना चाहते हैं।
एक्सईएन का फोन कटते ही उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई। ट्रू-कॉलर पर वह नंबर यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार का नाम दिखा रहा था। मोबिन ने कॉल रिसीव किया तो जालसाज ने अपना परिचय आलोक कुमार के रूप में दिया। इसके बाद उसने जरूरी काम का हवाला देते हुए मोबिन से पांच लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा और शाम चार बजे तक रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। मोबिन ने बताये बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए।
तीसरी बार रुपये मांगे तो हुआ शक
मोबिन के मुताबिक, कुछ देर बाद फिर उसी नंबर से फोन आया और दोबारा से पांच लाख रुपये की मांग की गई। मोबिन ने बिना कुछ सोचे-समझे दोबारा पांच लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान जालसाज ने मोबिन से उनके बैंक खाते का विवरण लेकर शाम तक सारे रुपये वापस करने की बात कही। लेकिन, कुछ ही देर बाद आरोपी ने मोबिन को फिर से फोन किया और 10 लाख की मांग की। लगातार रुपयों की मांग होने पर ठेकेदार को शक हो गया।
एक्सईएन को भी उसी नंबर से कॉल किया था
रुपये ठगे जाने की बात मोबिन ने एक्सईएन एके सिंह को बताई। तो वह चौंक गये। एके सिंह ने मोबिन को बताया कि जालसाज ने उसी नंबर से उन्हें कॉल किया था। उसने खुद को चेयरमैन आलोक कुमार बताते हुए पहले उन्हें धमकाया था फिर क्षेत्र के ठेकेदार का मोबाइल नंबर मांगा था। एके सिंह ने बताया कि जालसाज को चेयरमैन का समझकर उन्होंने मोबिन का नंबर उसे दे दिया।