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यू-ट्यूब वीडियो देखते हों तो हो जाएं सावधान, ऐसे की जा रही है ठगी
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Apr 2017 01:39 PM IST
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ठगी के नये-नये आइडिये निकाल रहे शातिर अब सोशल नेटवर्किंग साइट यू-ट्यूब के जरिये अपना मायाजाल फैला रहे हैं। ऐसा ही एक मामला लखनऊ के गुडंबा में सामने आया, जिसमें शातिरों के बनाए वीडियो देखकर आदिलनगर निवासी उमा शंकर पांडेय की पत्नी रेखा ठगी का शिकार हो गईं। उन्होंने ठगी करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
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रेखा ने बताया कि यू-ट्यूब पर उन्होंने गैलेक्सी टॉवर ग्रुप और लैंड इंडिया एटीसी टॉवर के दो वीडियो देखे थे। उन्होंने दोनों कंपनियों के ई-मेल पर संपर्क किया।
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गैलेक्सी ग्रुप की तरफ से जवाब आया जिसमें उनसे आईडी प्रूफ और जमीन के पेपर भेजने के लिए कहा गया। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही, जिसका शुल्क 2250 रुपये है। ई-मेल में अनुराग कौशिक का नाम व मोबाइल नंबर लिखा था।
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रेखा ने कंपनी की वेबसाइट की छानबीन की तो वहां भी अनुराग कौशिक का नाम और मोबाइल नंबर लिखा मिला। इसके बाद रेखा ने ई-मेल से जमीन के कागज व आईडी प्रूफ भेज दिया। कंपनी के प्रतिनिधि अनुराग कौशिक ने रेखा को फोन कर कंपनी के बारे में जानकारी दी।
यूं हुआ शक
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- फोटो : अमर उजाला
उसने गुड़गांव स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में रवि कुमार का अकाउंट नंबर देते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन फीस जमा करते ही टॉवर लगाने के एग्रीमेंट के पेपर उन्हें भेज दिए जाएंगे। कंपनी के इंजीनियरों की एक टीम आकर टॉवर लगाएगी।
बकौल रेखा, 25 मार्च को उनके पास एक ई-मेल आया, जिसमें 11 फाइल में सारे कागजात भेजने की बात कही गई थी। ई-मेल में एनओसी के नाम पर 20500 रुपये जमा कराने को कहा गया था।
रेखा को शक हो गया और उन्होंने रुपये देने से इन्कार करते हुए रजिस्ट्रेशन फीस भी लौटाने की बात कही। इसके बाद से ठगों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। रेखा का कहना है कि ठगों के पास उनकी जमीन के कागजात और वोटर आईडी की कॉपी है जिसका वह दुरुपयोग कर सकते हैं।
बकौल रेखा, 25 मार्च को उनके पास एक ई-मेल आया, जिसमें 11 फाइल में सारे कागजात भेजने की बात कही गई थी। ई-मेल में एनओसी के नाम पर 20500 रुपये जमा कराने को कहा गया था।
रेखा को शक हो गया और उन्होंने रुपये देने से इन्कार करते हुए रजिस्ट्रेशन फीस भी लौटाने की बात कही। इसके बाद से ठगों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। रेखा का कहना है कि ठगों के पास उनकी जमीन के कागजात और वोटर आईडी की कॉपी है जिसका वह दुरुपयोग कर सकते हैं।