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सरकारी अस्पतालों में ब्लड कैंसर सहित इन बीमारियों की मुफ्त कराएं जांच

Wed, 25 Jan 2017 02:46 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 25 Jan 2017 02:46 PM IST
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free test facility in lucknow government hospitals
डेमो - फोटो : demo pic
थैलीसीमिया, ब्लड कैंसर, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारियों के टेस्ट अब सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क होंगे। ऐसे 25 महत्वपूर्ण टेस्ट हैं, जिनके सैंपल सिविल, बलरामपुर सहित लखनऊ के सात सरकारी अस्पतालों में लिए जाएंगे और लोहिया संस्थान की लैब में भेजे जाएंगे।
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प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में गंभीर बीमारियों के टेस्ट पर जहां आम मरीजों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी। वहीं अब सरकारी अस्पतालों में ऐसी सभी जांचें मुफ्त होंगी।
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अब तक उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग परियोजना के तहत ऐसी गंभीर बीमारियों की जांचे मुफ्त नहीं होती थीं। राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पैथोलॉजी विभाग के हेड प्रो. नुजहत हुसैन ने बताया कि डेंगू, चिकुनगुनिया, प्लेटलेट्स काउंट, कल्चर, हार्ट अटैक, ब्लड कैंसर, किडनी, लीवर, विटामिन डी-3, थैलीसीमिया, प्री ऑपरेटिव टेस्ट, स्पॉडिलिटिस सहित करीब 25 प्रकार की जांचे सात सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होंगी। 
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सरकारी अस्पतालों में ऐसी गरीब मरीजों की भरमार है, जो महंगी जांचों के लिए निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर एड़ियां रगड़ते थे। इस फैसले से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी। 

यहां दे सकेंगे सैंपल
बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल, वीरांगना झलकारी बाई अस्पताल, अवंती बाई अस्पताल, रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय शामिल हैं। जबकि प्रदेशभर में 51 सरकारी अस्पतालों में ऐसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे, जिसे लोहिया इंस्टीट्यूट भेजा जाएगा, जिसे नोडल सेंटर बनाया गया है।


 

इंसुल‌िन इंजेक्शन भी फ्री

free test facility in lucknow government hospitals
डेमो - फोटो : demo pic

शहर के पांच सरकारी अस्पतालों सिविल, बलरामपुर, लोहिया, लोकबंधु, रानी लक्ष्मीबाई और भाऊराव देवरस में मधुमेह मरीजों को मुफ्त में इंसुलिन इंजेक्शन मिलेगा।

इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से पांच करोड़ रुपया बजट जारी कर दिया गया है। नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज क्लीनिक (एनसीडी) के तहत रोगियों को ये इंजेक्शन मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, इंजेक्शन लगाने के लिए जिस पेन का इस्तेमाल किया जाएगा, उसकी कीमत करीब 900 रुपये और इंजेक्शन की कीमत 600 रुपये है। ये सब मरीजों को मुफ्त में दी जाएगी।

एनएचएम में एनसीडी प्रोग्राम के नोडल अफसर डॉ. अमरेश बहादुर सिंह ने बताया कि इंजेक्शन के एक कार्टलेज से मरीज एक साल तक इंसुलिन की डोज ले सकता है। इंसुलिन ग्लार्जेन नाम के इंजेक्शन की खरीददारी के लिए रेट कांट्रैक्ट की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही ये व्यवस्था लागू हो जाएगी।

अब तक सरकारी अस्पतालों मधुमेह रोगियों को इंसुलिन इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं थी जिससे रोगियों को बाहर से 800 से 1000 रुपये का इंजेक्शन खरीदना पड़ता था। डॉ. अमरेश ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा।

इसके लिए वित्त वर्ष 2017-18 में एनएचएम से अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी।डॉ. अमरेश बताते हैं कि प्रदेश में कुल आबादी की नौ फीसदी जनता मधुमेह की चपेट में है। इसमें से तीन फीसदी को इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। 

सिविल और बलरामपुर अस्पताल में ब्रेन हैमरेज से पीड़ित मरीजों को 40 हजार रुपये का इंजेक्शन मुफ्त में लगेगा। इस योजना के मुताबिक ब्रेन हैमरेज के बाद मरीज चार घंटे के भीतर दोनों में से किसी एक अस्पताल पहुंच जाएगा तो जरूरी जांच के बाद उसे ये इंजेक्शन लगाया जाएगा।

इसी तरह ब्रेस्ट और सर्विक्स कैंसर से बचाव के लिए महिला अस्पतालों में मुफ्त में टीका लगाया जाएगा। इसके लिए भी पांच करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।

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