नीट काउंसलिंग के दौरान देहरादून के स्टूडेंट के साथ हुई बड़ी टप्पेबाजी
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अधिकारियों के अनसुना करने पर टप्पेबाजों का शिकार हुआ अंकित बिना काउंसिलिंग के ही लौट गया। अंकित ने बताया कि उसकी 27580 रैंक है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सुबह से लाइन मे लगा था।
शाम चार बजे तक लाइन में लगे-लगे परेशान हो गया। तभी वहां घूम रहा एक व्यक्ति पास आया और बोला लाओ मैं तुम्हारी रजिस्ट्रेशन फीस जमा करा देता हूं। उसकी बात पर 50 हजार आठ सौ रुपये दे दिए।
जब काफी देर बाद भी वह नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की। अंकित ने काउंसिलिंग में बैठे अधिकारियों से रजिस्ट्रेशन के लिए अपील की और कहा कि वह कल फीस जमा कर देगा।
इसके बाद भी अधिकारियों ने उसकी बात अनसुनी कर दी, जिसकी वजह से उसे बिना काउंसिलिंग में हिस्सा लिए ही लौटना पड़ा। वहीं अन्य छात्रों का नाम सेंटर पर देर आया, जिसके चलते काउंसिलिंग देरी होने पर छात्रों ने हंगामा किया।
पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था की खोली पोल
मालूम हो कि एक से दो लाख तक की रैंक के छात्रों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था, इन्हें प्रदेश के प्राइवेट कॉलेजों की सीटों का आवंटन होना था।
काउंसिलिंग में छात्र के अलावा किसी अन्य के भीतर जाने पर सख्त मनाही है।
मालूम हो कि ये ऑडिटोरियम इसरो से जुड़ा है इसके बाद भी इस घटना ने पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। सवाल है कि आखिर उस क्षेत्र में एक अनजान सख्श कैसे दाखिल हो गया जहां बाहरी लोगों का आना-जाना मना है। हाल में कैमरे लगे हैं और दस से अधिक सेना के पूर्व जवान तैनात हैं।
शिकायत पर दारोगा सतीश कुमार सिंह जांच करने पहुंचे तो लोग कमरा छोड़ कर भागने लगे। तीन घंटे बाद बताया गया कि सुबह से कैमरे बंद हैं और उनकी रिकार्डिंग ही नहीं हुई है।