फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fraud with six persons on behalf of deputy chief minister

डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बनकर छह से की ठगी,

Thu, 09 Dec 2021 01:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:48 AM IST
विज्ञापन
fraud with six persons on behalf of deputy chief minister
लखनऊ। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का रिश्तेदार बनकर जालसाजों ने छह बेरोजगारों से ठगी की। सभी को रेलवे और राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उनसे 6 लाख रुपये एडवांस हासिल कर लिए। इसके बाद सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया। जब ज्वॉइन करने पहुंचे तो हकीकत सामने आई। आरोपियों से रुपये वापस करने को कहा तो धमकी देने लगे। पीड़ित ने डीजीपी मुकुल गोयल से शिकायत की जिस पर गौतमपल्ली थाने में जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह बिष्ट के मुताबिक, हरदोई के पूरा बहादुर निवासी धर्मवीर सिंह बरेली पुलिस लाइन में रसोइया था। उसको किसी कारण से निकाल दिया गया था। धर्मवीर पैरवी कराने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के आवास पर पहुंचा। वहां स्वागत कक्ष में बैठने के दौरान उसकी मुलाकात उन्नाव के मौरावां निवासी रामनारायण कुशवाहा से हुई। रामनारायण ने बताया कि वह कृष्णानगर के सिंधु नगर में रहता है। रामनारायण ने खुद को डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बताया। धर्मवीर से पूरी बात सुनने के बाद रामनारायण ने उसकी नौकरी दूसरे विभाग में लगवाने की बात कही। आरोपी ने धर्मवीर से कहा कि जल्द ही राजस्व विभाग में रिक्तियां आने वाली हैं, उसमें आपकी नौकरी लगवा दूंगा। आरोपी ने धर्मवीर से उसके अलावा दूसरों की भी नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। डिप्टी सीएम का रिश्तेदार समझकर धर्मवीर उसके झांसे में आ गए। राजस्व विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी के लिए रामनारायण ने धर्मवीर की मुलाकात धर्मराज से कराई थी। धर्मराज ने भी खुद को डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बताया था।
विज्ञापन

राजस्व और रेलवे विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा
धर्मवीर ने सरकारी विभागों में नौकरी मिलने की बात रिश्तेदारों को भी बताई। धर्मवीर के साले महेंद्र पाल, संतोष कुमार, भांजा व दोस्तों ने भी हामी भर दी। धर्मवीर ने रामनारायण को बताया कि छह लोगों की नौकरी दिलानी है। रामनारायण ने हामी भरी। इसके बाद कहा कि छह लोगों के 6 लाख रुपये लगेंगे। उसने कहा कि राजस्व विभाग के अलावा रेलवे में भी नौकरी लग जाएगी। रुपये लेने के बाद आरोपी रामनारायण ने सभी को नियुक्ति पत्र भी दिया। धर्मवीर का दोस्त राशिद नियुक्ति पत्र लेकर दिल्ली में रेलवे कार्यालय ज्वाइन करने पहुंचा तो वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पीड़ित धर्मवीर के दोस्त राशिद ने वापस आकर पूरी जानकारी दी। इसके बाद सभी ने पड़ताल शुरू की। सामने आया कि रामनारायण व धर्मराज का डिप्टी सीएम से कोई रिश्ता ही नहीं है। सभी उनके नाम पर दुरुपयोग कर रहे थे। पीड़ित ने डीजीपी मुकुल गोयल से शिकायत की जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed