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रिटायर्ड डिप्टी एसपी को 30 साल बाद पता चला कि जिस फ्लैट में रह रहे हैं वो उनका नहीं है
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लखनऊ। हजरतगंज इलाकेमें रहने वाले रिटायर्ड डिप्टी एसपी कैलाश नाथ सिंह ने तीस साल पहले फ्लैट लिया। वह उसी मकान में रहते थे लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई थी। पिछले साल उन्होंने रजिस्ट्री कराने की कोशिश की तो पता चला कि फ्लैट किसी ने फर्जी दस्तावेज के जरिए रजिस्ट्री करा ली है। पीड़ित ने जालसाजी की जानकारी होने पर वजीरगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने जांच के बाद ग्वालियर के प्रवीण पाठक, प्रशांत पाठक, मनीष गुप्ता, सतना के शिशिर शुक्ला, इमरान खान और नारायण त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
रिटायर्ड डिप्टी एसपी कैलाशनाथ सिंह के मुताबिक, उनकी मुलाकात 30 साल पहले प्रवीण पाठक व प्रशांत पाठक से मुलाकात हुई। उन्होंने प्राग नारायण रोड पर स्थित फ्लैट के बारे में जानकारी दी। जिसे कैलाश ने बुक करा लिया। तीस साल पहले एक साथ 1.40 लाख रुपये भी जमा करा दिए। फ्लैट बनने के बाद वह रहने भी लगे। लेकिन ड्यूटी बाहर होने के कारण कम रुकते थे। इस दौरान उन्होंने कई बार रजिस्ट्री के लिए कहा लेकिन बिल्डर टालमटोल करता रहा। पिछले साल उन्होंने रजिस्ट्री कराने के लिए प्रशासनिक कार्यालय में चक्कर लगाने शुरू किए। पता चला कि जिस फ्लैट में रहते हैं, वह किसी सुरेश अवस्थी के नाम से आवंटित है।
इस पर बिल्डर से विरोध किया तो उसने बताया कि आपका फ्लैट दूसरी जगह है। कैलाश ने इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी हासिल की जिसमें पता चला कि योजना में कई फर्जीवाड़े हैं। पीड़ित ने वजीरगंज थाने में प्रवीण पाठक, प्रशांत पाठक, मनीष गुप्ता, शिशिर शुक्ला, इमरान खान व नारायण त्रिपाठी के खिलाफ तहरीर दी। एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक, कैलाश नाथ सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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रिटायर्ड डिप्टी एसपी कैलाशनाथ सिंह के मुताबिक, उनकी मुलाकात 30 साल पहले प्रवीण पाठक व प्रशांत पाठक से मुलाकात हुई। उन्होंने प्राग नारायण रोड पर स्थित फ्लैट के बारे में जानकारी दी। जिसे कैलाश ने बुक करा लिया। तीस साल पहले एक साथ 1.40 लाख रुपये भी जमा करा दिए। फ्लैट बनने के बाद वह रहने भी लगे। लेकिन ड्यूटी बाहर होने के कारण कम रुकते थे। इस दौरान उन्होंने कई बार रजिस्ट्री के लिए कहा लेकिन बिल्डर टालमटोल करता रहा। पिछले साल उन्होंने रजिस्ट्री कराने के लिए प्रशासनिक कार्यालय में चक्कर लगाने शुरू किए। पता चला कि जिस फ्लैट में रहते हैं, वह किसी सुरेश अवस्थी के नाम से आवंटित है।
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इस पर बिल्डर से विरोध किया तो उसने बताया कि आपका फ्लैट दूसरी जगह है। कैलाश ने इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी हासिल की जिसमें पता चला कि योजना में कई फर्जीवाड़े हैं। पीड़ित ने वजीरगंज थाने में प्रवीण पाठक, प्रशांत पाठक, मनीष गुप्ता, शिशिर शुक्ला, इमरान खान व नारायण त्रिपाठी के खिलाफ तहरीर दी। एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक, कैलाश नाथ सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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