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पूर्व सीएम व कैबिनेट मंत्री के नाम पर लाखों रुपये ठगने के आरोपी का एक और कारनामा, अब कोर्ट मुहर्रिर से ठगे 31 लाख

Thu, 02 Jul 2020 12:34 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2020 12:34 PM IST
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Lucknow News: fraud with court clerk in lucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर
चार साल पहले चार साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री के नाम पर लाखों रुपये ठगने के आरोपी शातिर विकास यादव का एक और कारनामा सामने आया है। जेल में बंद विकास ने अपनी रिहाई के लिए हेड मुहर्रिर से प्लॉट के नाम पर 31 लाख 85000 रुपये ठग लिए। सामने आया है। जेल में बंद विकास ने अपनी रिहाई के लिए माता-पिता और पत्नी के जरिए हेड मुहर्रिर से प्लॉट के नाम पर 31 लाख 85000 रुपये ठग लिए।
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पुलिसकर्मी के रुपयों से जमानत कराकर शातिर जेल से बाहर आ गया लेकिन प्लॉट की रजिस्ट्री के नाम पर टरकाता रहा। दबाव डालने पर उसने धमकाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी ने प्लॉट के बारे में पड़ताल की तब विकास का झूठ सामने आया। पीड़ित ने गोमतीनगर विस्तार में विकास और उसके परिजनों समेत पांच लोगों के खिलाफ ठगी व जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज कराया है।
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गोमतीनगर विस्तार थाना के कार्यवाहक इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि ठगी का शिकार एडीजे चतुर्थ कोर्ट का कोर्ट मुहर्रिर राकेश कुमार यादव है। बीते वर्ष उन्हें कोर्ट परिसर में ही आदित्य यादव उर्फ छोटू नाम का युवक मिला था। आदित्य ने कोर्ट मुहर्रिर राकेश यादव से कहा कि मकदूमपुर निवासी उसकी बुआ सरला देवी का बेटा विकास यादव जेल में बंद है और उसकी जमानत के लिए रुपये चाहिए।
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विकास के पिता रामदयाल और मां सरला देवी के नाम पर जो प्लॉट हैं, उसे बेचकर रुपये का जुगाड़ कर रहा है। उसने कोर्ट मुहर्रिर से प्लॉट खरीदने के लिए कहा तो वह राजी हो गया। तीन नवंबर 2019 को आदित्य के साथ रामदयाल यादव, सरला देवी और विकास की पत्नी विमला यादव ने उसे दो प्लॉट दिखाए। एक प्लॉट रामदयाल का जबकि दूसरा सरला देवी का बताया गया। कोर्ट मुहर्रिर उसे लेने के लिए तैयार हो गए।

फोन कर गाली-गलौज की और धमकाया

विकास के माता-पिता का कहना था कि वह कुछ रुपये दे दे जिससे विकास की जमानत कराई जा सके। उसके जेल से बाहर आने के बाद दोनों प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी जाएगी। कोर्ट मुहर्रिर उनके झांसे में आ गए और अपने ससुर राधेश्याम यादव, मामा गुलाब यादव से रुपये मांगकर विकास की पत्नी विमला के खाते में सात नवंबर 2019 को 1,60,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इसके बाद उन्होंने कई परिचितों से विकास व उसके परिजनों को कुल 31,85000 रुपये दिए। इसमें 14,40000 ऑनलाइन, 5,45,000 के चेक व 12 लाख रुपये नकद थे। रजिस्ट्री के लिए कहने पर विकास टरकाता रहा। कोर्ट मुहर्रिर का आरोप है कि 23 जून 2020 को विकास ने फोन कर गाली-गलौज की और धमकाया।

उसने कहा कि कोई प्लॉट उसके पास है ही नहीं। न ही वह रुपये लौटाएगा। उसने झूठी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी दी। राकेश ने बताया, सरला देवी के नाम प्लॉट पर कोर्ट में केस चल रहा है। इंस्पेक्टर ने कहा, मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि विकास यादव के खिलाफ कई केस दर्ज हैं। वह खुद को सपा नेता बताता था और चार साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री के नाम से फर्जी लेटरपैड बना किसान राम खिलावन रावत को कारें दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए थे। उसने राम खिलावन की जमीनें भी हड़प ली थी। राम खिलावन ने उसके खिलाफ चिनहट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी जिस पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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