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यूपी: अब ‘बूढ़े’ छात्र नहीं ले पाएंगे शुल्क भरपाई योजना का लाभ, किए गए ये बदलाव

Thu, 23 Sep 2021 01:34 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 23 Sep 2021 01:34 PM IST
सार

छात्रों की शुल्क भरपाई व वजीफे में मिल रही गड़बड़ियों के सामने आने के बाद अब योजना में बदलाव किए गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रों के लिए जारी संशोधित नियमावली में विशेष प्रबंध किया गया है।

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Fraud students will not be allowed to take scholorships.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

अब ‘बूढ़े’ छात्र न तो वजीफा और न ही शुल्क भरपाई का लाभ ले पाएंगे। हाईस्कूल और कक्षा-8 न्यूनतम योग्यता वाले आईटीआई समेत सभी पाठ्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इसके तहत ये दोनों कक्षाएं पास करने वाले छात्रों को छह साल के भीतर आगे के इन पाठ्यक्रमों में निजी संस्थानों में दाखिला लेने पर ही छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की सुविधा मिलेगी।

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‘अमर उजाला’ ने 26 सितंबर 2020 के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के निजी आईटीआई में दाखिला लेकर वजीफे के साथ शुल्क प्रतिपूर्ति लेने के अनेक मामले प्रकाश में आए थे। इस समस्या से निपटने के लिए अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रों के लिए जारी संशोधित नियमावली में विशेष प्रबंध किया गया है।
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आईटीआई या ऐसे पाठ्यक्रम, जिनमें प्रवेश की न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल या कक्षा-8 निर्धारित है, उनमें छात्रों को हाईस्कूल या कक्षा-8 पास करने के छह वर्ष के अंदर निजी क्षेत्र के संस्थानों से इस प्रकार के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर ही शैक्षिक भत्ता और शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी।
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दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा 10 प्रतिशत ज्यादा शैक्षणिक भत्ता
संशोधित नियमावली में अनुरक्षण भत्ते का नाम बदलकर शैक्षणिक भत्ता कर दिया गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों को अन्य छात्रों से 10 प्रतिशत अतिरिक्त शैक्षणिक भत्ता देने का फैसला किया गया है।

नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी राशि

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में गड़बड़ करने पर नियमावली में दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराने का प्रावधान किया गया है। यह एफआईआर विद्यार्थी, प्रधानाचार्य और प्रबंधन के खिलाफ होगी। वहीं नौ प्रतिशत ब्याज के साथ गलत ढंग से ली गई धनराशि लौटानी होगी। इतना ही नहीं, 75 फीसदी से कम उपस्थिति होने पर छात्र या संस्था को ली गई राशि वापस करनी होगी। इसी तरह से बिना कोर्स पूरा किए अगले वर्ष अध्ययन छोड़ने पर भी धनराशि वापस करनी होगी।

50 फीसदी से कम विद्यार्थियों के नवीनीकरण पर देना होगा जवाब
50 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों के नवीनीकरण न कराने पर संस्थान को इसके वैध कारण बताने होंगे। इसमें बाढ़, सूखा, अनदेखी घटनाएं और कानून-व्यवस्था आदि शामिल हैं।

एसएमएस भेजने की व्यवस्था भी

विद्यार्थियों को आवेदन करने से लेकर खातों में राशि भेजने तक की जानकारी उनके मोबाइल नंबर पर एमएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके अलावा कक्षा-11 व 12 में शैक्षिणक सत्र 1 अप्रैल से 31 मार्च तक और उससे ऊपर की कक्षाओं में 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाएगा।

संशोधित समयसारिणी भी जारी
शासन ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से संबंधित पाठ्यक्रमों का मास्टर डाटाबेस तैयार करने, सत्यापन और लॉक करने के लिए संशोधित समयसारिणी भी जारी कर दी है।

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