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एयरपोर्ट, रेलवे व टेलीकॉम कंपनी में नौकरी का झांसा दे तीन को ठगा
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नौकरी ढूंढने जा रहे हैं तो यह खबर जरूर पढ़ें, एयरपोर्ट, रेलवे व टेलीकॉम कंपनी में जॉब का झांसा दे बीकॉम छात्र समेत तीन को ठगा
अलीगंज थाने में एयरपोर्ट में नौकरी के नाम पर बीकॉम छात्र मो. इमरान से 20200 रुपये ठग लिए गए जबकि चौक थाने में टेलीकॉम कंपनी में अधिकारी के पद का लालच देकर मणि सक्सेना के खाते से 38 हजार रुपये उड़ा दिए गए।
तीसरे मामले में ठगों ने मड़ियांव में आईईएम कॉलेज से एमएसडब्ल्यू कर ही छात्रा उर्मिला को निशाना बनाया। उसे रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 80 हजार रुपये का चूना लगा दिया गया। छात्रा ने कॉलेज के शिक्षक डॉ. आनंद कुमार शुक्ला समेत दो पर ठगी का आरोप लगाया है।
अलीगंज इंस्पेक्टर फरीद अहमद ने बताया कि मो. इमरान कैसरबाग कोतवाली के पीछे ख्यालीगंज का रहने वाला है। उसने ऑनलाइन जॉब पोर्टल शाइन डॉट कॉम पर रजिस्ट्रेशन कराया था। अगले दिन खुद को शाइन डॉट कॉम कंपनी की कर्मचारी योगिता बताते हुए ठग ने कॉल की।
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बकौल मो. इमरान, ठग ने चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके अलावा श्वेता और रोही नाम की युवतियों ने भी उसे कॉल की। शाइन डॉट कॉम में रजिस्ट्रेशन के नाम पर उससे कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में 2700 रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद ठगों ने ट्रेनिंग के नाम पर उसे एक लिंक भेजकर 15 हजार रुपये जमा करने को कहा। मो. इमरान ने लिंक के माध्यम से यह रुपया भी जमा कर लिया। कई बार कॉल करने पर योगिता ने फोन उठाया और 20 दिन में रिफंड करने का झांसा दिया।
20 दिन बाद उसने फिर से उपरोक्त नंबरों पर संपर्क किया जिस पर उसे ऑनलाइन फार्म भरने को कहकर 2500 रुपये और हड़प लिए। इसी तरह चौक के अशर्फाबाद निवासी निजी टेलीकॉम कंपनी में काम करने वाले मणि सक्सेना से ठगों ने 38 हजार रुपये ठग लिए।
मणि ने बताया कि उन्होंने शाइन जॉब्स प्रो नाम के पोर्टल पर नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बृहस्पतिवार को उनके पास एक युवती ने कॉल की। उसने खुद को कंपनी के अहमदाबाद स्थित ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि टेलीकम्युनिकेशन की मल्टीनेशनल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर नौकरी उपलब्ध है।
उसने ऑनलाइन फार्म भरने के लिए एक लिंक भेजकर 10 रुपये शुल्क जमा करने को कहा। उक्त लिंक पर क्लिक करके 10 रुपये भेजते ही उनके खाते से चार बार में 38 हजार रुपये निकल गए। शिकायत पर ठगों ने गलती से रुपया कटने और कुछ देर में रुपये वापस उनके खाते में भेजने की बात कहते हुए कॉल डिसकनेक्ट कर दी।
नौकरी के नाम पर ठगी की तीसरी घटना जानकीपुरम स्थित आईईएम कॉलेज से एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई कर रही महाराजगंज की उर्मिला के साथ हुई। उर्मिला का कहना है कि कॉलेज के शिक्षक डॉ. आनंद कुमार शुक्ला ने 2015 में राजीव शुक्ला से मुलाकात कराई थी।
उसने राजीव को रेलवे का बड़ा अधिकारी बताते हुए टीसी की नौकरी दिलाने की बात कही। इसके लिए डॉ. आनंद शुक्ला ने दो लाख रुपये का खर्च बताया। उर्मिला नौकरी के लिए तैयार हो गई। अगस्त 2015 में उसने राजीव के बैंक खाते में 90 हजार रुपये जमा कराए व 70 हजार रुपये नकद दिए।
शेष 40 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उक्त रकम अपने पास से जमा करने की बात कही। कई महीने के बाद नौकरी के बारे में पूछने पर दोनों बहाने बनाकर टाल देते।
उर्मिला का कहना है कि इस दौरान उसके पिता का देहांत हो गया। उसने आर्थिक तंगी के चलते डॉ. आनंद शुक्ला व राजीव शुक्ला से रुपया वापस मांगा तो दोनों धमकाने लगे। दबाव डालने पर उन्होंने 80 हजार रुपये लौटाए। शेष 80 हजार रुपये देने से वह मुकर गए।
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अलीगंज थाने में एयरपोर्ट में नौकरी के नाम पर बीकॉम छात्र मो. इमरान से 20200 रुपये ठग लिए गए जबकि चौक थाने में टेलीकॉम कंपनी में अधिकारी के पद का लालच देकर मणि सक्सेना के खाते से 38 हजार रुपये उड़ा दिए गए।
तीसरे मामले में ठगों ने मड़ियांव में आईईएम कॉलेज से एमएसडब्ल्यू कर ही छात्रा उर्मिला को निशाना बनाया। उसे रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 80 हजार रुपये का चूना लगा दिया गया। छात्रा ने कॉलेज के शिक्षक डॉ. आनंद कुमार शुक्ला समेत दो पर ठगी का आरोप लगाया है।
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अलीगंज इंस्पेक्टर फरीद अहमद ने बताया कि मो. इमरान कैसरबाग कोतवाली के पीछे ख्यालीगंज का रहने वाला है। उसने ऑनलाइन जॉब पोर्टल शाइन डॉट कॉम पर रजिस्ट्रेशन कराया था। अगले दिन खुद को शाइन डॉट कॉम कंपनी की कर्मचारी योगिता बताते हुए ठग ने कॉल की।
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बकौल मो. इमरान, ठग ने चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके अलावा श्वेता और रोही नाम की युवतियों ने भी उसे कॉल की। शाइन डॉट कॉम में रजिस्ट्रेशन के नाम पर उससे कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में 2700 रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद ठगों ने ट्रेनिंग के नाम पर उसे एक लिंक भेजकर 15 हजार रुपये जमा करने को कहा। मो. इमरान ने लिंक के माध्यम से यह रुपया भी जमा कर लिया। कई बार कॉल करने पर योगिता ने फोन उठाया और 20 दिन में रिफंड करने का झांसा दिया।
20 दिन बाद उसने फिर से उपरोक्त नंबरों पर संपर्क किया जिस पर उसे ऑनलाइन फार्म भरने को कहकर 2500 रुपये और हड़प लिए। इसी तरह चौक के अशर्फाबाद निवासी निजी टेलीकॉम कंपनी में काम करने वाले मणि सक्सेना से ठगों ने 38 हजार रुपये ठग लिए।
मणि ने बताया कि उन्होंने शाइन जॉब्स प्रो नाम के पोर्टल पर नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बृहस्पतिवार को उनके पास एक युवती ने कॉल की। उसने खुद को कंपनी के अहमदाबाद स्थित ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि टेलीकम्युनिकेशन की मल्टीनेशनल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर नौकरी उपलब्ध है।
उसने ऑनलाइन फार्म भरने के लिए एक लिंक भेजकर 10 रुपये शुल्क जमा करने को कहा। उक्त लिंक पर क्लिक करके 10 रुपये भेजते ही उनके खाते से चार बार में 38 हजार रुपये निकल गए। शिकायत पर ठगों ने गलती से रुपया कटने और कुछ देर में रुपये वापस उनके खाते में भेजने की बात कहते हुए कॉल डिसकनेक्ट कर दी।
नौकरी के नाम पर ठगी की तीसरी घटना जानकीपुरम स्थित आईईएम कॉलेज से एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई कर रही महाराजगंज की उर्मिला के साथ हुई। उर्मिला का कहना है कि कॉलेज के शिक्षक डॉ. आनंद कुमार शुक्ला ने 2015 में राजीव शुक्ला से मुलाकात कराई थी।
उसने राजीव को रेलवे का बड़ा अधिकारी बताते हुए टीसी की नौकरी दिलाने की बात कही। इसके लिए डॉ. आनंद शुक्ला ने दो लाख रुपये का खर्च बताया। उर्मिला नौकरी के लिए तैयार हो गई। अगस्त 2015 में उसने राजीव के बैंक खाते में 90 हजार रुपये जमा कराए व 70 हजार रुपये नकद दिए।
शेष 40 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उक्त रकम अपने पास से जमा करने की बात कही। कई महीने के बाद नौकरी के बारे में पूछने पर दोनों बहाने बनाकर टाल देते।
उर्मिला का कहना है कि इस दौरान उसके पिता का देहांत हो गया। उसने आर्थिक तंगी के चलते डॉ. आनंद शुक्ला व राजीव शुक्ला से रुपया वापस मांगा तो दोनों धमकाने लगे। दबाव डालने पर उन्होंने 80 हजार रुपये लौटाए। शेष 80 हजार रुपये देने से वह मुकर गए।