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पीजीआई में नौकरी के नाम पर ठगी, पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट से खुला मामला
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पीजीआई में नौकरी के नाम पर ठगी, पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट से खुला मामला
एसजीपीजीआई में वार्ड बॉय की नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि जालसाजों ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के छह लोगों से रुपये ऐंठकर उन्हें फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिए।
ठगों के कहने पर उक्त युवकों ने संबंधित थानों से पुलिस से चरित्र सत्यापन जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट की एक प्रतिलिपि एसजीपीजीआई भेजी गई थी।
वहां सतर्कता अधिकारी प्रोफेसर उत्तम सिंह ने चरित्र सत्यापन रिपोर्ट देखी को उनके होश उड़ गए। उन्होंने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
गिरोह में एसजीपीजीआई के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रयागराज के अरुण कुमार व प्रकाश पाठक, फतेहपुर निवासी मोहित द्विवेदी, चित्रकूट के ज्ञानेंद्र सिंह, आजमगढ़ निवासी सोनू राजभर व जौनपुर के जय प्रकाश को ठगों ने नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठे थे।
सभी छह युवकों के पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट डाक के जरिए एसजीपीजीआई प्रशासन के पास पहुंची तो अफरातफरी मच गई।
प्रोफेसर उत्तम सिंह का कहना है कि उक्त युवकों ने नौकरी के आवेदन के वक्त अपने-अपने थानों में चरित्र सत्यापन के लिए आवेदन किया था।
थानों से उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज न होने संबंधी रिपोर्ट एसजीपीजीआई भेजी गई तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में इस तरह की कोई भी रिक्तियां नहीं निकाली गई हैं। ठगों ने जो नियुक्तिपत्र युवकों को दिए हैं, वह पूरी तरह से फर्जी हैं।
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एसजीपीजीआई में वार्ड बॉय की नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि जालसाजों ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों के छह लोगों से रुपये ऐंठकर उन्हें फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिए।
ठगों के कहने पर उक्त युवकों ने संबंधित थानों से पुलिस से चरित्र सत्यापन जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट की एक प्रतिलिपि एसजीपीजीआई भेजी गई थी।
वहां सतर्कता अधिकारी प्रोफेसर उत्तम सिंह ने चरित्र सत्यापन रिपोर्ट देखी को उनके होश उड़ गए। उन्होंने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
गिरोह में एसजीपीजीआई के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रयागराज के अरुण कुमार व प्रकाश पाठक, फतेहपुर निवासी मोहित द्विवेदी, चित्रकूट के ज्ञानेंद्र सिंह, आजमगढ़ निवासी सोनू राजभर व जौनपुर के जय प्रकाश को ठगों ने नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठे थे।
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सभी छह युवकों के पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट डाक के जरिए एसजीपीजीआई प्रशासन के पास पहुंची तो अफरातफरी मच गई।
प्रोफेसर उत्तम सिंह का कहना है कि उक्त युवकों ने नौकरी के आवेदन के वक्त अपने-अपने थानों में चरित्र सत्यापन के लिए आवेदन किया था।
थानों से उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज न होने संबंधी रिपोर्ट एसजीपीजीआई भेजी गई तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में इस तरह की कोई भी रिक्तियां नहीं निकाली गई हैं। ठगों ने जो नियुक्तिपत्र युवकों को दिए हैं, वह पूरी तरह से फर्जी हैं।