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अंसल कंपनी के अफसरों पर प्लाट का रुपया हड़पने का आरोप
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बुजुर्ग ने 31 साल पहले बुक कराए थे दो प्लॉट, अंसल कंपनी ने किसी और को बेच डाले
आशियाना थाना में अमीनाबाद की बताशेवाली गली निवासी 75 वर्षीय चंद्र दत्त बाजपेयी ने अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मालिक दीपक अंसल व उनके बेटे कुशाग्रह अंसल समेत पांच लोगों के खिलाफ प्लॉट का रुपया हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। पीड़ित चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1987 में अंसल हाउसिंग व कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी से आशियाना के सेक्टर के में दो प्लॉट बुक कराए थे।
उन्होंने प्लॉट की पूरी कीमत कंपनी को चुका दी। बैनामा करने के लिए कहने पर कंपनी के अधिकारी टालमटोल करने लगे। चंद्र दत्त बाजपेयी ने उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की।
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आयोग ने 25 फरवरी 2019 को उनके पक्ष में आदेश देते हुए दोनों प्लॉट की खरीद-फरोख्त व स्थानांतरण पर रोक लगा दी।
चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि अंसल कंपनी के मालिक दीपक अंसल, उनके बेटे कुशाग्रह अंसल, लीगल असिस्टेंट प्रकाश नौटियाल, रविंद्र कुमार यादव और उनकी पत्नी शिव कुमार यादव को अच्छी तरह से पता था कि प्लॉट उनके नाम पर हैं और वह पूरी रकम भी जमा कर चुके हैं।
इसके बाद भी वह बैनामा नहीं कर रहे। यही नहीं, उन्होंने प्लॉट के फर्जी कागजात बनाकर दूसरे व्यक्ति को बेच डाला। प्लॉट खरीदने वाला वहां निर्माण कार्य करा रहा है।
बीते महीने उन्हें निर्माण कार्य की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंच गए। चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने को कहा तो दबंगों ने मारपीट शुरू कर दी।
आसपास के लोग जुटने लगे तो किसी तरह उनकी जान बची। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर एफआईआर दर्ज कराई।
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आशियाना थाना में अमीनाबाद की बताशेवाली गली निवासी 75 वर्षीय चंद्र दत्त बाजपेयी ने अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मालिक दीपक अंसल व उनके बेटे कुशाग्रह अंसल समेत पांच लोगों के खिलाफ प्लॉट का रुपया हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। पीड़ित चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1987 में अंसल हाउसिंग व कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी से आशियाना के सेक्टर के में दो प्लॉट बुक कराए थे।
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उन्होंने प्लॉट की पूरी कीमत कंपनी को चुका दी। बैनामा करने के लिए कहने पर कंपनी के अधिकारी टालमटोल करने लगे। चंद्र दत्त बाजपेयी ने उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की।
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आयोग ने 25 फरवरी 2019 को उनके पक्ष में आदेश देते हुए दोनों प्लॉट की खरीद-फरोख्त व स्थानांतरण पर रोक लगा दी।
चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि अंसल कंपनी के मालिक दीपक अंसल, उनके बेटे कुशाग्रह अंसल, लीगल असिस्टेंट प्रकाश नौटियाल, रविंद्र कुमार यादव और उनकी पत्नी शिव कुमार यादव को अच्छी तरह से पता था कि प्लॉट उनके नाम पर हैं और वह पूरी रकम भी जमा कर चुके हैं।
इसके बाद भी वह बैनामा नहीं कर रहे। यही नहीं, उन्होंने प्लॉट के फर्जी कागजात बनाकर दूसरे व्यक्ति को बेच डाला। प्लॉट खरीदने वाला वहां निर्माण कार्य करा रहा है।
बीते महीने उन्हें निर्माण कार्य की जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंच गए। चंद्र दत्त बाजपेयी का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने को कहा तो दबंगों ने मारपीट शुरू कर दी।
आसपास के लोग जुटने लगे तो किसी तरह उनकी जान बची। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर एफआईआर दर्ज कराई।