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हाईटेक टाउनशिप के नाम पर अंसल ने कदम-कदम पर की धोखाधड़ी, जांच में हुए ये खुलासे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 14 Oct 2018 03:19 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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राजधानी में हाईटेक टाउनशिप का विकास कर रही कंपनी अंसल एपीआई ने कदम-कदम पर धोखाधड़ी की। विधानसभा की याचिका समिति की उप समिति की रिपोर्ट बताती है कि आवंटियों को 18 होल का गोल्फ कोर्स बताकर संपत्ति बेची गई पर, मौके पर 9 होल का ही गोल्फ कोर्स है। यही नहीं अंसल को जो 311 एकड़ जमीन प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने पर नुकसान की भरपाई के लिए एलडीए में बंधक रखनी थी, उसमें से भी 129 एकड़ जमीन बिल्डर ने बेच डाली। ऐसे में आवंटियों के हित सीधे तौर पर प्रभावित हुए।
जांच में ये भी सामने आया
. सड़कों की चौड़ाई बाइलॉज के मुताबिक नहीं
. ग्रीन एरिया और पार्क तक मानक के मुताबिक नहीं
. एससी-एसटी की जमीन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के खरीदी
. बिल्डर ने एक्स्ट्रा एफएआर लिया लेकिन इसका फायदा आवंटियों को नहीं दिया
. सीवर, ड्रेनेज, अग्निशमन जैसे विकास नहीं हुए
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जांच में ये भी सामने आया
. सड़कों की चौड़ाई बाइलॉज के मुताबिक नहीं
. ग्रीन एरिया और पार्क तक मानक के मुताबिक नहीं
. एससी-एसटी की जमीन बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के खरीदी
. बिल्डर ने एक्स्ट्रा एफएआर लिया लेकिन इसका फायदा आवंटियों को नहीं दिया
. सीवर, ड्रेनेज, अग्निशमन जैसे विकास नहीं हुए
पूर्व वीसी बन गए बिल्डर के अधिकारी, गहन जांच हो
ansal api
- फोटो : amar ujala
रिपोर्ट में ये भी बताया है कि जो पूर्व वीसी अंसल एपीआई को फायदा पहुंचा रहे थे। वहीं सेवानिवृत्ति के बाद में अंसल कंपनी में बड़े पद पर अधिकारी बन गए। उनकी भूमिका की गहन जांच की जरूरत याचिका उप समिति के संयोजक विनोद कटियार ने बताई है।
कल होगी सुनवाई
याचिका समिति ने अब एलडीए और आवास विभाग के अधिकारियों को उप समिति के उठाये सवालों पर जवाब मांगा है। सोमवार को याचिका समिति बिल्डर कंपनी को दी गयी सहूलियत से लेकर बंधक जमीन को बेचे जाने, ले-आउट के मुताबिक विकास कार्य नहीं होने पर सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण और एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह को तलब किया गया है।
कल होगी सुनवाई
याचिका समिति ने अब एलडीए और आवास विभाग के अधिकारियों को उप समिति के उठाये सवालों पर जवाब मांगा है। सोमवार को याचिका समिति बिल्डर कंपनी को दी गयी सहूलियत से लेकर बंधक जमीन को बेचे जाने, ले-आउट के मुताबिक विकास कार्य नहीं होने पर सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण और एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह को तलब किया गया है।