सेवानिवृत्त रेलकर्मियों से ठगे 80 लाख रुपये, एसबीआई लाइफ के पूर्व प्रबंधक समेत अन्य पर केस
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आशियाना के शारदानगर योजना रुचिखंड निवासी विजय बहादुर वर्मा ने बताया कि वह लोको पायलट पैसेंजर पद से 30 जून 2018 को रिटायर हुए थे। उनके रिटायरमेंट पर रेलवे ने समारोह आयोजित किया था जिसमें मानसनगर के न्यू आशुतोषनगर निवासी नागेंद्र कुमार मिश्रा, कृष्णानगर के विनयनगर का भानू प्रसाद मिश्रा और रणधीर त्रिपाठी आए थे।
नागेंद्र ने खुद को एसबीआई लाइफ शाहनजफ रोड का अधिकारी बताया था। उसने रिटायरमेंट से मिली रकम को निवेश कर लाभ कमाने का ऑफर दिया। विजय बहादुर ने ऑफिस जाकर उसके बारे में छानबीन की तो वहां के स्टाफ ने बताया कि नागेंद्र सीनियर मैनेजर है व भानू उसका सहायक है। नागेंद्र ने उनसे 20 लाख की दो पॉलिसी कराईं।
निवेश के नाम पर अपने खाते में जमा कराए रुपये
26 जुलाई 2018 को नागेंद्र उनके घर आया और नैनीताल बैंक आशियाना के 18 व दो लाख का चेक ले लिया। उसने दो लाख रुपये की एसबीआई लाइफ की रसीद दी। शेष 18 लाख रुपये की रसीद मांगने पर बाद में उसने एसबीआई पीएल नाम की कंपनी की रसीद दी। विजय बहादुर ने पड़ताल की तो पता चला नागेंद्र ने एसबीआई पीएल कंपनी बनाकर उनके 18 लाख रुपये उसमें निवेश कर दिए थे।
एसबीआई पीएल का कार्यालय न्यू आशुतोषनगर कृष्णानगर व राजा राममोहन राय मार्ग पर है। विजय बहादुर ने विरोध किया तो नागेंद्र ने उनके रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। उसने उन्हें चेक दिया जो बाउंस हो गया। विजय बहादुर शातिर के घर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला।
छानबीन में पता चला कि शातिर ठगों ने सुजानपुरा आलमबाग के खलील अहमद सिद्दीकी से 20 लाख, राजाजीपुरम के मो. रसूल से 20 लाख व एलडीए कॉलोनी एल्डिको एकता विहार के अलेक्जेंडर मिंज से 20 लाख रुपये निवेश के नाम पर अपनी कंपनी के खाते में जमा करा लिए थे। ठगों ने चारों के 80 लाख रुपये हड़प लिए।