{"_id":"687e2f977119e0816c0cac3b","slug":"fraud-lucknow-news-c-13-1-lko1096-1302333-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: यूपीडा के नाम पर कोलकाता की बैंक से मांगी 6.50 करोड़ की गारंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: यूपीडा के नाम पर कोलकाता की बैंक से मांगी 6.50 करोड़ की गारंटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालसाजों ने फर्जी सरकारी दस्तावेजों के जरिये किया धोखाधड़ी का प्रयास
- कोलकाता के भवानीपुर थाने से गोमतीनगर थाने में केस हुआ ट्रांसफर
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ । साइबर जालसाजों ने यूपीडा के नाम पर मेल आईडी से कोलकाता के लालबाजार में स्थित इंडियन बैंक को मेल भेजकर 6.50 करोड़ की बैंक गारंटी मांगी। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर बैंक के शाखा प्रबंधक सुभ्रोदीप चटर्जी ने कोलकाता के भवानीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। यूपीडा का दफ्तर गोमतीनगर थाना क्षेत्र में आता है। इसलिए भवानीपुर पुलिस ने शनिवार को केस गोमतीनगर थाने में ट्रांसफर कर दिया।
शाखा प्रबंधक सुभ्रोदीप के मुताबिक 20 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी(यूपीडा) के नाम पर यूपीडा12@जीमेल डॉट कॉम आईडी से बैंक की आधिकारिक आईडी पर मेल आया। मेल में 6.5 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी की पुष्टि मांगी गई थी। कुछ संदेह होने पर जब सुभ्रोदीप ने जांच की तो पता चला कि बैंक ने ऐसी कोई गारंटी जारी ही नहीं की थी। मेल के साथ ही सरकारी दस्तावेज, स्टांप और डिजिटल हस्ताक्षर भी भेजे गए थे, वे भी जांच में फर्जी पाए गए। बैंक कार्रवाई की तैयारी में थी तभी 23 जनवरी और 31 जनवरी को अलग-अलग ईमेल पते से फिर मेल भेजकर गारंटी की पुष्टि मांगी गई। ऐसे में बैंक ने ईमेल का जवाब देते कहा कि 6.50 करोड़ रुपये की कोई गारंटी जारी नहीं की है।
दिल्ली के वसंत विहार थाने के पुलिस ने मांगे दस्तावेज
सुभ्रोदीप के मुताबिक तीन फरवरी 2025 को दिल्ली के वसंत विहार थाने की आईडी से बैंक के पास नोटिस आया। थाने की पुलिस ने साइबर जालसाजों ने जो फर्जी दस्तावेज बैंक को मेल किए थे उसकी जानकारी मांगी। शाखा प्रबंधक ने पुलिस का सहयोग करते हुए जालसाजों पर कूटरचित सरकारी दस्तावेजों व अन्य चीजों का प्रयोग कर बैंक को वित्तीय हानि पहुंचाने के प्रयास के आरोप में भवानीपुर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला गोमतीनगर थाने में ट्रांसफर कर दिया। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी के मुताबिक मामले की विवेचना हिमांशु द्ववेदी को दी गई है। तफ्तीश में जो भी साक्ष्य आएंगे उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- कोलकाता के भवानीपुर थाने से गोमतीनगर थाने में केस हुआ ट्रांसफर
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ । साइबर जालसाजों ने यूपीडा के नाम पर मेल आईडी से कोलकाता के लालबाजार में स्थित इंडियन बैंक को मेल भेजकर 6.50 करोड़ की बैंक गारंटी मांगी। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर बैंक के शाखा प्रबंधक सुभ्रोदीप चटर्जी ने कोलकाता के भवानीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। यूपीडा का दफ्तर गोमतीनगर थाना क्षेत्र में आता है। इसलिए भवानीपुर पुलिस ने शनिवार को केस गोमतीनगर थाने में ट्रांसफर कर दिया।
शाखा प्रबंधक सुभ्रोदीप के मुताबिक 20 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी(यूपीडा) के नाम पर यूपीडा12@जीमेल डॉट कॉम आईडी से बैंक की आधिकारिक आईडी पर मेल आया। मेल में 6.5 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी की पुष्टि मांगी गई थी। कुछ संदेह होने पर जब सुभ्रोदीप ने जांच की तो पता चला कि बैंक ने ऐसी कोई गारंटी जारी ही नहीं की थी। मेल के साथ ही सरकारी दस्तावेज, स्टांप और डिजिटल हस्ताक्षर भी भेजे गए थे, वे भी जांच में फर्जी पाए गए। बैंक कार्रवाई की तैयारी में थी तभी 23 जनवरी और 31 जनवरी को अलग-अलग ईमेल पते से फिर मेल भेजकर गारंटी की पुष्टि मांगी गई। ऐसे में बैंक ने ईमेल का जवाब देते कहा कि 6.50 करोड़ रुपये की कोई गारंटी जारी नहीं की है।
विज्ञापन
दिल्ली के वसंत विहार थाने के पुलिस ने मांगे दस्तावेज
सुभ्रोदीप के मुताबिक तीन फरवरी 2025 को दिल्ली के वसंत विहार थाने की आईडी से बैंक के पास नोटिस आया। थाने की पुलिस ने साइबर जालसाजों ने जो फर्जी दस्तावेज बैंक को मेल किए थे उसकी जानकारी मांगी। शाखा प्रबंधक ने पुलिस का सहयोग करते हुए जालसाजों पर कूटरचित सरकारी दस्तावेजों व अन्य चीजों का प्रयोग कर बैंक को वित्तीय हानि पहुंचाने के प्रयास के आरोप में भवानीपुर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला गोमतीनगर थाने में ट्रांसफर कर दिया। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी के मुताबिक मामले की विवेचना हिमांशु द्ववेदी को दी गई है। तफ्तीश में जो भी साक्ष्य आएंगे उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन