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फर्जीवाड़ा: ऐसी हुई नियुक्ति कि चकरा गए 'गुरुजी'
लखनऊ/आशीष त्रिपाठी
Updated Fri, 26 Jul 2013 10:35 AM IST
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फर्जी रोल नम्बर आवंटित किया गया। फर्जी चयन पैनल बनाया और तीन शिक्षकों की नियुक्ति कर दी।
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राजधानी के सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का ऐसा ही बड़ा फर्जीबाड़ा सामने आया है।
फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब वे शिक्षक स्कूल में तैनाती के लिए पहुंचे। दरअसल, जिस पद पर इनकी नियुक्ति की गई, स्कूल में वह पद ही नहीं था।
स्कूल ने माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से शिकायत की। चयन बोर्ड ने जांच करके तीनों नियुक्तियों को फर्जी करार दिया और एफआईआर कराने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए हैं।
वर्ष 2010 में सहायता प्राप्त विद्यालय में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रशिक्षित स्नातक विज्ञान एवं अंग्रेजी (वर्ग- 01 व 02) के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया।
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इसके माध्यम से राजधानी में तीन शिक्षकों की तैनाती की गई। इनमें अंग्रेजी के लिए मोहम्मद शमी खां और विज्ञान के लिए प्रतिमा वर्मा और फूल सिंह कुशवाहा को चुना गया।
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एक की तैनाती आईटी चौराहे के निकट स्थित एक विद्यालय में की गई। दो को अमांवा के एक विद्यालय में भेजा गया।
जब ये शिक्षक अपने आवंटित स्कूलों में पद संभालने पहुंचे तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। असल में, इन शिक्षकों को जिन विद्यालयों में तैनात किया गया, वहां संबंधित पद ही उपलब्ध नहीं था।
विद्यालय प्रधानाचार्य ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को मामला सत्यापन को भेज दिया। चयन बोर्ड ने नियुक्तियों को फर्जी पाया।
इस पूरे फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सचिव माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी को पत्र जारी कर तीनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
रोल नम्बर आवंटित ही नहीं, उन पर हुई नियुक्ति इस पूरे खेल की शुरुआत फर्जी रोल नंबरों के साथ की गई।
प्रशिक्षिक स्नातक विज्ञान की लिखित परीक्षा में अछल्दा, औरैया निवासी प्रतिमा वर्मा को अनुक्रमांक 021301834 और आनंद नगर इटावा निवासी फूल सिंह कुशवाहा को अनुक्रमांक 022162800 पर चयनित दर्शाया गया था।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के स्तर पर की गई जांच में खुलासा हुआ कि अनुक्रमांक 021301834 और अनुक्रमांक 022162800 किसी भी अभ्यर्थी को आवंटित ही नहीं किया गया।
जिसके कारण साक्षात्कार में सम्मिलित होने एवं चयनित होने का कोई औचित्य नहीं है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजे गए पत्र में इसी आधार पर नियुक्ति को फर्जी बताया गया है।
उधर, इस फर्जीवाड़े में लिखित परीक्षा में फेल हुए एक अभ्यर्थी का रोल नंबर भी इस्तेमाल किया गया।
अमांवा के एक विद्यालय में तैनाती देने गए मोहम्मद शमी खां को अनुक्रमांक संख्या 020403690 पर चयनित दिखाया गया।
जांच में ये अनुक्रमांक संख्या मोहम्मद शमी खां नहीं बल्कि राम नारायण सिंह नाम के नाम आवंटित होने की पुष्टि हुई।
राम नारायण सिंह पहले ही लिखित परीक्षा में पहले ही अनुत्तीर्ण हो गया था, ऐसे में साक्षात्कार में भाग लेने का कोई औचित्य ही नहीं था।