राहुल की सांसद निधि में फर्जीवाड़ा, जांच
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सांसद राहुल गांधी की निधि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था आरईएस पर धांधली का आरोप मढ़ा है।
डीएम ने इसकी जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं। जांच टीम गठित होते ही आरईएस में हड़कंप मचा है।
अमेठी संसदीय क्षेत्र के सिंहपुर, गौरीगंज, संग्रामपुर व तिलोई विकासखंड में राहुल गांधी की सांसद निधि से ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) की ओर से कराए जा रहे 13 निर्माण कार्यों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र ने धांधली का आरोप लगाया है।
डीएम से की शिकायत में उन्होंने लाखों रुपये की लागत से कराए जा रहे इंटरलॉकिंग और बारात घर निर्माण कार्यों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष ने डीएम को इन कार्यों की सूची भी सौंपी है।
जांच के लिए तीन टीमें हुईं गठित
डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने परियोजना निदेशक अनिल कुमार पांडेय और सहायक अभियंता डीआरडीए जमील हसन, डीपीआरओ एसबी सिंह के साथ लघु सिंचाई के सहायक अभियंता दारा सिंह दोहरे और जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके चौरसिया के साथ सहायक अभियंता जिला पंचायत अमीर चंद्र दुबे के नेतृत्व में तीन जांच टीमों का गठन किया है।
सीडीओ ने टीम प्रभारियों को शिकायत में शामिल कार्यों का मानक के अनुसार भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से शिकायती पत्र दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।