सड़क पर इंटरव्यू, 5-5 लाख वसूले और दिया नियुक्ति पत्र
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वाणिज्य कर विभाग लोवर डिविजनल क्लर्क की भर्ती की तैयारी ही करता रहा, जालसाजों ने नियुक्ति भी कर डाली। बायोडाटा लेकर वाणिज्यकर भवन के सामने सड़क पर इंटरव्यू लिया, एलआईयू रिपोर्ट लगवाई और पांच-पांच लाख रुपये लेकर नियुक्ति पत्र दे दिया।
नौकरी का परवाना पा कर फूले नहीं समा रहे युवक हजरतगंज स्थित वाणिज्य कर भवन जॉइन करने पहुंच गए। वहां जाकर पता चला कि जिस अफसर के नाम पर नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, उस नाम का कोई अफसर है ही नहीं। यही नहीं वाणिज्य कर विभाग ने अभी तक ऐसी नियुक्ति का कोई आवेदन भी नहीं मंगाया है।
ठगे गये लोगों की सूची में 28 नाम शामिल हैं। इस लिहाज से ठगों ने 1.40 करोड़ रुपये का वारा-न्यारा कर दिया। ठगी के शिकार कृष्णानगर के आजादनगर स्थिति फौजी कॉलोनी निवासी अंकित श्रीवास्तव समेत अन्य युवकों ने विशेष सचिव गृह से शिकायत की जिसके बाद उप सचिव केपी सिंह ने एसएसपी प्रवीण कुमार को पत्र लिखकर जांच व कार्रवाई करने का आदेश दिया। उप सचिव ने कार्रवाई से शासन को अवगत कराने का भी आदेश दिया है।
सड़क पर ही हो गया इंटरव्यू
अंकित ने बताया कि अमौसी औद्योगिक क्षेत्र सरोजनीनगर में कैलाश विहार कॉलोनी का राकेश श्रीवास्तव उसका परिचित था। पिछले साल वाणिज्य कर भवन में एलडीसी की भर्ती निकलने पर उसने कहा कि उसकी वहां सेटिंग है। उसने अंकित को पांच लाख रुपये खर्च करने पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
अंकित व उसके दोस्तों सुशील, अभिषेक और राहुल ने राकेश को पांच-पांच लाख रुपये दिए। राकेश ने सबका बायोडाटा, मार्क्सशीट व अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी ली।
ठगी के शिकार अंकित के अनुसार पिछले साल 13 दिसंबर को वाणिज्य कर विभाग के नाम से एक पत्र आया। इसमें 6 जनवरी 2014 को जरूरी दस्तावेज के साथ इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। अंकित जब वाणिज्य कर भवन पहुंचा तो वहां कई अन्य युवक भी इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे। वहां कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी। तब नौकरी दिलाने में मध्यस्थता करने वालों से संपर्क किया गया।
कुछ देर बाद वाणिज्य कर भवन से सूट-बूट और टाई पहनकर एक युवक आया। उसके पास वाणिज्य कर अधिकरण निदेशालय हजरतगंज की एक सूची थी, जिससे सभी का नाम मिलाया। इसके बाद सड़क पर ही सबके दस्तावेज चेक किए और वहीं खड़े-खड़े इंटरव्यू भी ले लिया। फिर कहा कि फोन पर सभी लोगों को नियुक्ति की तिथि बता दी जाएगी।
फर्जी एलआईयू रिपोर्ट भी लग गई
किसी को कोई शक न हो इसके लिए जालसाजों ने युवकों की फर्जी एलआईयू रिपोर्ट भी लगवाई थी। पीड़ितों ने बताया कि वाणिज्यकर विभाग के सहायक वाणिज्य कर आयुक्त राम मंगल चौरसिया के नाम से शातिरों ने पुलिस अधीक्षक लखनऊ के नाम एक पत्र बनाया।
यह पत्र लेकर खुद को एलआईयू का दरोगा राकेश सचान बताते हुए एक व्यक्ति छह दिसंबर 2013 को अंकित, अभिषेक, सुशील और राहुल के घर पहुंचा। उसने एलआईयू जांच की जानकारी देते हुए सवाल-जवाब किया।
सहायक वाणिज्य कर आयुक्त की ओर से मिला नियुक्ति पत्र
अंकित के मुताबिक कुछ दिन बाद चारों का नियुक्ति पत्र आ गया। सहायक वाणिज्य कर आयुक्त राम मंगल चौरसिया की तरफ से जारी नियुक्ति पत्र में इसमें 5200-20200 ग्रेड पे सहित अन्य भत्ते प्रतिमाह देने की बात कही गई थी।
नियुक्ति पत्र के साथ ही एलआईयू की रिपोर्ट भी लगी थी। जब वे नियुक्ति पत्र लेकर वाणिज्य कर भवन पहुंचे तो ठगे जाने का पता चला। पता चला कि राम मंगल चौरसिया नाम का तो वहां कोई अफसर ही नहीं है।
घर छोड़कर भाग गया ठग
अंकित का कहना है कि ठगी की जानकारी होने पर राकेश से संपर्क किया। उसने अपनी रकम वापस मांगी। कुछ हफ्तों तक तो वह टरकाता रहा। दबाव बनाने पर उसने अप्रैल में उसे व उसके तीन साथियों को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट के पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। ये चेक बाउंस हो गए। इसी बीच राकेश घर छोड़कर गायब हो गया।
इनके नाम चयनितों की सूची में शामिल थे
अंकित श्रीवास्तव, गीतापल्ली आलमबाग लखनऊ, सुशील कुमार चौबे, पवनपुरी आलमबाग लखनऊ, अभिषेक कुमार सिंह, जनरैलगंज ठाकुरगंज लखनऊ, राहुल कुमार रेलवे कॉलोनी चारबाग लखनऊ, सद्दाक सिद्दीकी नारायनपुर आगरा, जितेंद्र कुमार मूर्तिपुरम फैजाबाद, अनवारुल हक मुहम्मदाबाद गाजीपुर, अजय कुमार एनौरा एटा, देवेश सिंह गुलाम अली का पुरवा बहराइच, रामू महतो शेखपुरा गोंडा, महताब आलम मुहम्मदाबाद गाजीपुर, मधुकर यादव नूरपुर गाजीपुर, कृष्ण कुमार वर्मा भावरकोल गाजीपुर, साधु चौहान अंबेडकरनगर सुल्तानपुर, चंद्रहास सरायपुर आजमगढ़, बनवारी लाल पीपीगंज गोरखपुर, सर्वेश आजमगढ़, चंद्रिका प्रसाद कप्तानगंज आजमगढ़, अमित कुमार मुहम्मदाबाद गाजीपुर, फहीम उल्ला खां मुहम्मदाबाद गाजीपुर, अजय कुमार सिंह यादव भारवकोल गाजीपुर, राम मिलन गोरखपुर, मनीष श्रीवास्तव रानीगंज कमरौली सुल्तानपुर, राम सेवक पीपरपुर सुल्तानपुर, सूर्यनाथ अंबेडकरनगर, अशोक कुमार गोंडा, मनोज यादव तंदौली फैजाबाद, रामचंद्र वर्मा बेगुसराय बिहार।
भर्ती की तैयारी जरूर पर हुई नहीं
लखनऊ जोन वाणिज्य कर विभाग के जोनल आयुक्त बुद्धेश मणि का कहना है कि नियुक्तियां करने की तैयारी जरूर की जा रही है लेकिन पिछले साल वाणिज्य कर विभाग में एलडीसी की कोई भी नई नियुक्ति नहीं हुई। लखनऊ जोन के मीराबाई मार्ग स्थित दफ्तर में राम मंगल चौरसिया नाम का कोई सहायक आयुक्त नहीं है।